मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 21 जिलों में रीवा ऐसा जिला है जहां सर्वाधिक 183 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वेस्ट डिवीजन और मऊगंज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से गांवों में अंधेरा है और किसान बुआई के समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं। सतना स्टोर से ट्रांसफार्मर नहीं मिलने से हर हफ्ते गाड़ियां खाली लौट रही हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 21 जिलों में रीवा ऐसा जिला है जहां सर्वाधिक खराब ट्रांसफार्मर हैं। रीव जिला में अकेले ही 183 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं, जो बदले नहीं जा रहे हैं। हर सप्ताह डिवीजन से सतना स्टोर गाड़ियां जाती है लेकिन ट्रांसफार्मर नही ंमिल पाता। गाड़ियां बेरंग ही लौट आती है। अब बिजली की किसानों को सख्त जरूर आन खड़ी हुई है। बुआई का समय चल रहा है। ऐसे में किसान पूरी तरह से बिजली पर आश्रित होने वाले हैं। बारिश नहीं हुई तो फसलों को बोर और पंप से ही पानी पहुंचना पड़ेगा। बिजली विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ सकती है।
अभी तक लाइन लॉस के मामले में रीवा बदनाम था। अब खराब ट्रांसफार्मरों के मामले में भी सबसे आगे है। जिले के सभी डिवीजन में खराब ट्रांसफार्मरों की बाढ़ सी आ गई है। यह समस्या अभी की नहीं है। हमेशा ही बनी रहती है। पर्याप्त ट्रांसफार्मर डिवीजन को नहीं मिल पाते। इसके कारण खराब डीटीआर बदले नहीं जाते। स्थानीय लोग खराब ट्रांसफार्मर को लेकर कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। यह वह खराब ट्रांसफार्मरों की लिस्ट हैं जिनकी डिमांड जेई ने आनलाइन दर्ज कराई है। कई ऐसे भी ट्रांसफार्मर हैं जो अभी आनलाइन दर्ज ही नहीं हुए हैं। उनकी संख्या कहीं ज्यादा है। यह समस्या पूर्व सीई आई के त्रिपाठी के समय भी थी। यह समस्या नई सीई प्रतिमा पाण्डेय के आने के बाद भी बनी हुई है। खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं। इनकी संख्या बढ़ती जा रही है।
वेस्ट डिवीजन और मऊगंज में सर्वाधिक खराब ट्रांसफार्मर
रीवा जिला में सबसे खराब स्थिति पश्चिम संभाग की है। यहां शहर के आसपास के क्षेत्र भी अंधेरे में हैं। मोहल्लों और गांवों के ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। वेस्ट डिवीजन में कुल 138 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। इन्हें फिलहाल बदला नहीं गया है। वहीं मऊगंज डिवीजन में करीब 58 ट्रांसफाम्रर खराब हैं। इन्हें विभाग बदल नही ंपा रहा है। लोग परेशान हैं। सतना स्टोर गाड़ियां जाती हैं लेकिन सीई आफिस से डिमांड जनरेट नहीं करने के कारण ट्रांसफार्मर ही इश्यू नहीं हो पाता।
सिर्फ शहर को छोड़कर गांव की हालत बदतर
रीवा शहर को छोड़ दें तो गांव की हालत बदतर है। गांव में ट्रांसफार्मर जलने के बाद महीनों सुनवाई नहीं होती। ट्रांसफार्मर पर बिल बकाया होने के बाद भी बदलने में कई दिन लग जाते हैं। वही ंशहर में तुरंत बदल जाते हैं। बारिश में खराब ट्रांसफार्मर के कारण गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रीवा शहर के आसपास के ऐसे क्षेत्र जो पश्चिम संभाग में आते हैं। वहां तक ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। इन ट्रांसफार्मर को बदला नहीं जा रहा है।
त्योंथर के पूर्व विधायक ने लिखा था सीई को पत्र
कुछ दिन पहले ही त्योंथर के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का एक पत्र भी वायरल हुआ था। उन्होंने एक पत्र मुख्य अभियंता रीवा को लिखा था। उस पत्र में उन्होंने क्षेत्र की जनता के लिए ट्रांसफार्मर की डिमांड की थी। खराब ट्रांसफार्मर को बदलने की बात सीई से कही थी। यह संख्या भी दर्जनों में भी थी। इसके अलावा भी खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए जनप्रतिनिधियों के पत्र अधिकारियों के पास लगातार पहुंचते ही रहते हैं।


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