भारत के भव्य और प्राचीन लक्ष्मी मंदिरों के दर्शन करें। जानें नई दिल्ली के बिड़ला मंदिर, कोल्हापुर, मुंबई, इंदौर के महालक्ष्मी मंदिर, वेल्लोर के स्वर्ण मंदिर और तिरुचानूर के पद्मावती मंदिर की महिमा, जहाँ दीपावली पर उमड़ती है भक्तों की भीड़।

देश में मां लक्ष्मी के सात प्रसिद्ध मंदिर
भारत की संस्कृति में धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। देश भर में माता लक्ष्मी के कई ऐसे भव्य और प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है और इन्हें मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है। इन मंदिरों में हर साल, विशेषकर दीपावली के पावन अवसर पर, भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। चलिए बताते हैं, देश के प्रसिद्ध लक्ष्मी जी के मंदिरों के बारे में....

देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु (नारायण) और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। इसका निर्माण वर्ष 1938 में बिड़ला समूह द्वारा करवाया गया था। अपनी भव्य वास्तुकला, सुंदर नक्काशी और शांत वातावरण के कारण यह दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से यहाँ दर्शन करने वाले भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं।
श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित यह मंदिर देवी महालक्ष्मी के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और माना जाता है कि यहाँ देवी साक्षात रूप से निवास करती हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि इस पावन स्थल के दर्शन मात्र से ही धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई, महाराष्ट्र

मुंबई के सर्वाधिक प्राचीन और पूजनीय मंदिरों में से एक, यह महालक्ष्मी मंदिर अरब सागर के किनारे स्थित है। इस मंदिर के गर्भगृह में देवी महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित हैं। लोक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना से ही अंग्रेजों के लिए वर्ली क्षेत्र को जोड़ने वाले समुद्री मार्ग (Causeway) का निर्माण सफलतापूर्वक संभव हो पाया था।
श्री पद्मावती देवी मंदिर, तिरुचानूर, आंध्र प्रदेश

यह मंदिर प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर के निकट तिरुचानूर (जिसे अलमेलमंगापुरम भी कहते हैं) में स्थित है। यह देवी लक्ष्मी के ही एक स्वरूप पद्मावती देवी को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिरुपति बालाजी के दर्शन तभी पूर्ण माने जाते हैं जब श्रद्धालु देवी पद्मावती का आशीर्वाद भी ले लेते हैं।
श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर, वेल्लोर, तमिलनाडु

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्थित इस मंदिर को 'दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर' भी कहा जाता है। यह भव्य महालक्ष्मी मंदिर लगभग 100 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर की दीवारों और छत पर भारी मात्रा में शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। यहाँ माँ लक्ष्मी की पूजा भौतिक धन और आध्यात्मिक समृद्धि दोनों के लिए की जाती है।
अष्टलक्ष्मी मंदिर, चेन्नई, तमिलनाडु

चेन्नई के इलियट बीच के पास स्थित यह मंदिर देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूपों (अष्टलक्ष्मी) को समर्पित है, जिनमें धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, आदि लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी शामिल हैं। भक्त यहाँ जीवन के आठ अलग-अलग पहलुओं में देवी का आशीर्वाद पाने के लिए दर्शन करते हैं।
महालक्ष्मी मंदिर, इंदौर, मध्य प्रदेश

इंदौर शहर के हृदयस्थल राजवाड़ा में स्थित यह महालक्ष्मी मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। इसका निर्माण 1832 के आसपास मल्हारराव (द्वितीय) द्वारा करवाया गया था। दीपावली के अवसर पर यहाँ विशेष साज-सज्जा और एक भव्य उत्सव का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जगह-जगह शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
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