चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर नाव चलानी पड़ी और कई इलाकों में बिजली और यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

जिले में नदी- नाले उफान पर, कई रास्ते बंद, अलर्ट जारी
सतना, स्टार समाचार वेब
पिछले चौबीस घंटे से हो रही बारिश से जिले में जन- जीवन अस्त - व्यस्त हो गया है, नदी - नाले उफान पर आ गए हैं काई क्षेत्रों में तो आवगमन तक बंद हो गया है। लगातार बारिश से सबसे खराब स्थित भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट की है, यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, सड़कों पर नाव चलाने तक की नौबत आ गई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड को जलमग्न कर दिया है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग घंटों तक पानी में फंसे रहे, जिन्हें प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने शनिवार को चित्रकूट पहुंचकर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने राघव प्रयाग घाट, रामघाट पर्यटक होटल चौराहा, आरोग्य धाम, जानकी कुंड, पुरानी लंका सहित अनेक स्थानों पर बैक वाटर से जलमग्न इलाके और निचले इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने मोटर वोट पर बैठकर आपदा राहत और बचाव के इंतजाम देखे।
नगर पंचायत द्वारा निर्धारित आश्रय स्थल का भी निरीक्षण कर रूकने वाले लोगों को पानी,भोजन और शयन के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस मौके पर विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, सहायक कलेक्टर अनिकेत शांडिल्य भी उपस्थित रहे।
तालबों व नदी की निगरानी के निर्देश
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जिले के सभी तालाबों, डेम, नदी, नालों और जल भराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखें और स्थानीय लोगों से सम्पर्क में रहें। कलेक्टर ने वर्षा, जल भराव और अतिवृष्टि की स्थिति में लोगों को ऐसी जगहों से हटाने और वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गहरे पानी वाली जगहों पर लोगों को जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। नदी, नाले, पुल, पुलिया, रपटे पर पानी आने पर बैरिकेट लगाकर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के आसपास ना जाएं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं। जलभराव की स्थिति को देखते हुए बिजली सप्लाई और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मैहर की कॉलोनियों में जल भराव, घरों में घुसा पानी
मैहर नगर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, देवीजी क्षेत्र,शारदा मंदिर मार्ग,वन विभाग कार्यालय और पुलिस कॉलोनी में गंभीर जलभराव हो गया है। पुलिस कॉलोनी के क्वार्टर्स और वाहनों तक पानी भर चुका है। स्थानीय लोगों में खराब जल निकासी व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी है।
पहाड़ से सड़क में गिरी चट्टान
परसमनिया पहाड़ी अंचल के सैकड़ों गांवों का कस्बा व शहर से जुड़ाव के लिए प्रमुख मार्ग पर पोड़ी- महाराजपुर घाट में शनिवार दोपहर से आवाजाही बंद है। दरअसल, तेज बारिश के बहाव में पहाड़ से धसक कर मिट्टी व पत्थर के चट्टान सड़क में बिखर पड़े हैं जिसके कारण यहां से दोनों दिशाओं की ओर गुजरने वाली वाहनों के साथ ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पहाड़ की खाई होने से वैकल्पिक मार्ग भी नहीं बनाया जा सका है। पहाड़ी अंचल के लोगों का शहर आने के लिए यह घाटी उतर कर आने से करीब 5 किमी ही पड़ता है पर यह बंद होने से उचेहरा और नागौद घाटी की ओर घूमकर आने में करीब 50 किलोमीटर सफर तय करना पड़ेगा।
मंदाकिनी के रौद्र रूप से करोड़ों का नुकसान
लगातार बारिश की वजह से मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप अपना लिया है। मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप अपनाने से नगर में चारों तरफ पानी ही पानी हो गया है। जिस वजह से दुकानो, होटलों और घरो में पानी घुस गया। रामघाट, राघव घाट, पुरानी लंका समेत कई स्थान जल मग्न हो गए और इन स्थानों में तकरीबन सैकड़ों दुकानों में पानी घुसने से लगभग करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
मंदाकिनी नदी पूरे उफान पर है। एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमों के साथ प्रशासन स्थितियों पर पूरी नजर बनाए हुए है। लोगों को नदी के आसपास के इलाकों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अनाउंसमेंट किया गया है और बाढ़ में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है।
- एपी द्विवेदी, एसडीएम


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