सतना जिले के उचेहरा स्थित सीएम राइज विद्यालय में छात्रों को दी जाने वाली मुफ्त पाठ्यपुस्तकें कबाड़ी को बेच दी गईं। ग्रामीणों ने किताबें लोड होते पकड़ा। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, प्राचार्य ने पल्ला झाड़ा। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का भरोसा दिलाया।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
एक ओर कई विद्यालयों में छात्रों को पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं तो दूसरी ओर सतना जिले के उचेहरा स्थित सीएम राइज विद्यालय के छात्रों को दी जाने वाली पाठ्यपुस्तकों को कबाड़ी को बेच देने का हैरान कर देने वाला सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन की इस करतूत का पर्दाफाश तब हुआ जब ग्रामीणों ने सुबह तकरीबन साढ़े 6 बजे एक पिकअप वाहन को विद्यालय परिसर में प्रवेश कर पुस्तकों को लोड होते हुए देखा। पुस्तकों को बकायदा बोरी में बंद कर पिकअप वाहन में विद्यालय के कर्मचारी लोड कर रहे थे। इस घटना ने एक बार पुन: शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पुस्तकों का वितरण कर छात्रों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाने वाले कर्मचारियों पर शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है?
प्राचार्य का जानकारी से इंकार, यूं दी सफाई
छात्रों को पितरित की जाने वाली किताबों को वाहन में लोड कर ले जाने के मामले के प्रकाश में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के बीच हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी अब कार्रवाई करने की बात कह रहे है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार शुक्ला ने सफाई देते हुए कहा कि आज सुबह प्रवीण आया था, जिसने मुझसे चाबी ली और मध्यान्ह भोजन कक्ष में रखी किताबें व कॉपियां ले गया। मुझे यह नहीं मालूम कि किसके निर्देश पर किताबें पिकअप से ले जाकर बेची गईं। हालंकि विनोद शुक्ला की बातें न तो अभिभावकों के गले उतर रही हैं और न ही विद्यालयीन स्टाफ के।
बचें भी तो बिक्री का प्रावधान नहीं
उल्लेखनीय है कि पुस्तकें विमर्श पोर्टल पर मांगे जाने के बाद ही स्कूलों को डिपो से प्राप्त होती हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामनरेश पटेल ने बताया कि सीएम राइस स्कूल की किताबें बेचे जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। स्पष्ट रूप से बताया गया कि छात्रों की संख्या के अनुसार और मांग पत्र के आधार पर किताबें आवंटित होती हैं यदि किसी के पास बचत में किताबें हैं तो बिक्री करने का प्रावधान नहीं है।
निश्चित तौर पर यह गंभीर मामला है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच करा कार्रवाई कराई जाएगी।
कंचन श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी

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