14 अप्रैल 2026 का विस्तृत पंचांग। जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। आज वरुथिनी एकादशी पर बन रहे शुभ योगों की पूरी जानकारी।

आज 14 अप्रैल को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की वरुथिनी एकादशी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का व्रत रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और समस्त पापों का नाश होता है। साथ ही आज मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है।
| विवरण | मान |
| तिथि | एकादशी (दोपहर 01:22 तक, उसके बाद द्वादशी) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख |
| वार | मंगलवार |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद (शाम 05:48 तक, फिर उत्तराभाद्रपद) |
| योग | शुक्ल (रात 09:15 तक, फिर ब्रह्म) |
| करण | बालव (दोपहर 01:22 तक, फिर कौलव) |
सूर्योदय: सुबह 06:10
सूर्यास्त: शाम 06:48
चन्द्रोदय: अगले दिन सुबह 04:12 (15 अप्रैल)
चन्द्रास्त: दोपहर 03:54
चंद्र राशि: कुंभ (सुबह 11:24 तक, उसके बाद मीन)
सूर्य राशि: मेष
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 से दोपहर 12:54 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ)
अमृत काल: सुबह 09:35 से 11:18 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:26 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:47 से 07:11 तक
राहुकाल: दोपहर 03:38 से शाम 05:13 तक (इस दौरान शुभ कार्य न करें)
यमगण्ड: सुबह 09:19 से 10:54 तक
गुलिक काल: दोपहर 12:29 से 02:03 तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:41 से 09:31 तक
वरुथिनी एकादशी: आज भगवान विष्णु के 'मधुसूदन' रूप की पूजा करें और पीले फूल व फल अर्पित करें।
मंगलवार विशेष: मंगल दोष की शांति के लिए सुंदरकांड का पाठ करें या हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें।
दान: आज के दिन अन्न और जल का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
आज का मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' एवं 'ॐ अं अंगारकाय नमः'

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