स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतना-मैहर में दस्तक अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 22 जुलाई से होगी। 0-5 साल के बच्चों में दस्त, निमोनिया, कुपोषण जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए 2.97 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और माता-पिता की काउंसिलिंग की जाएगी।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बरसाती मौसम में होने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग दस्तक अभियान का दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है। इस बार यह अभियान सतना-मैहर जिले की सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजित किया जाएगा जबकि छूटे हुए बच्चों के घर में दस्तक दी जाएगी। अभियान की शुरूआत 22 जुलाई से होगी। अभियान के तहत 0 से 5 साल तक के बच्चों में निमोनिया, एनीमिया, दस्त रोग, डायरिया, कुपोषण एवं विटामिन ए की रोकथाम के लिए बच्चों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और बच्चों के साथ माता- पिता की काउंसिलिंग की जाएगी। यह अभियान 22 जुलाई से 16 सितम्बर 2025 तक कई चरणों में आयोजित होगा। सतना-मैहर जिले में अभियान अंतर्गत कुल 2 लाख 97 हजार 95 बच्चों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।
क्या होगा खास
मिली जानकारी के अनुसार 45 दिनों तक चलने वाले दस्तक अभियान के लिए ब्लाक वाइज 681 फील्ड वर्कर की टीम बनाई गई है। जिसमे मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर 0 से 5 साल के बच्चों को कुपोषण, दस्त रोग, एनीमिया, निमोनिया, विटामिन ए अनुपूरण एवं स्वास्थ्य परामर्श देंगी। अभियान अंतर्गत केंद्रों में बच्चों की निमोनिया, दस्त रोग, कुपोषण, एनीमिया की जांच की जाएगी। गंभीर बच्चों को रेफर करना अनिवार्य है। बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को ओआरएस के पैकेट और जिंक टैबलेट, विटामिन ए शिरप, आईएफए शिरप दिया जाएगा। बच्चे के साथ ही बच्चे के माता- पिता की भी काउंसिलिंग करना अनिवार्य है।
इतने बच्चों का लक्ष्य
681 कुल फील्ड वर्कर करेंगे सुपरविजन
किसकी होगी
इसका होगा वितरण
कहां कितने कार्यकर्ताओं की ड्यूटी


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