भितरिया ग्राम के वन विभाग की पहाड़ियों पर अवनी परिधि माइनिंग एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड को मिली खनन लीज के विरोध में किसानों ने लवकुशनगर तहसील प्रांगण में क्रमिक अनशन शुरू किया। किसानों का आरोप है कि खनन से लाखों पेड़ कटेंगे और पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा। वहीं, राजस्व विभाग और वन विभाग पर मिलीभगत कर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

हाइलाइट्स
लवकुशनगर, स्टार समाचार वेब
क्षेत्र के भितरिया ग्राम में वन विभाग के पहाड़ों पर शासन द्वारा स्वीकृत की गई अवनि परिधि माइनिंग एंड मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की लीज के विरोध में किसानों के द्वारा मंगलवार को लवकुशनगर तहसील प्रांगण में कंपनी की लीज निरस्त करने के लिए किसानों के द्वारा क्रमिक अनशन किया गया व संचालक अज्ञात गुप्ता के खिलाफ मुदार्बाद के नारे लगाएं ग्राम पंचायत भड़ार के सरपंच प्रतिनिधि अजय मिश्रा ने बताया कि पूर्व में सरपंच श्रीमती प्रेमबाई मिश्रा द्वारा ग्राम सभा के प्रस्ताव क्रमांक 08 दिनांक 14.04.2023 को भितरिया के वन विभाग के पहाड़ों पर अवनी परिधि माइनिंग एंड मिनरल्स कंपनी की लीज निरस्त करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया और कंपनी की लीज निरस्त करने के लिए शासन को पत्राचार किया गया था एक और जहां केन बेतवा लिंक परियोजना में लगभग 25 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई होने से पूरे क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा मडरा रहा है तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने भितरिया के वन विभाग के पहाड़ों को ग्रेनाइट एवं एमसेंड प्लांट के लिए अवनी परिधि माइनिंग एंड मिनरल्स कंपनी से एमओयू साइन किया है जिसका क्षेत्रफल लगभग 32.64 हेक्टेयर है उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत अत्यधिक पेड़ों की कटाई एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए देश की सबसे बड़ी परियोजना बक्सवाहा में हीरा खनन कंपनी रियो टिंटो की हीरा खनन परियोजना पर रोक लगा दी है जिससे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बना रहे ऐसी परिस्थितियों में अवनी परिधि कंपनी द्वारा वन विभाग के पहाड़ों पर लाखों पेड़ों की कटाई करने से क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा है और शासन को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कंपनी की लीज निरस्त कर देना चाहिए उच्चतम न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि यदि वन भूमि के आसपास किसी अन्य भूमि में कोई भी जंगल दर्ज है तो उसको वन भूमि ही समझा जाए और उस पर किसी भी प्रकार के खनन पर रोक लगाई गई है। वन विभाग की पहाड़ों पर अवनी परिधि माइनिंग एंड मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की स्वीकृत हुई लीज के पहाड़ों का रकवा में मात्र 2000 के लगभग पेड़ों की गिनती बताई गई है वन विभाग द्वारा यह आंकड़े प्रस्तुत करना निश्चित तौर पर उनकी भूमिका पर सवाल खडे करता है क्योंकि वन विभाग के पहाड़ में 20 सेंटीमीटर तने वाले पेड़ों की संख्या लगभग 1 लाख से अधिक है ऐसे में वन विभाग के बड़े अधिकारियों द्वारा कंपनी से मिली भगत करके जानबूझकर पेड़ों की गिनती नहीं की गई है और पेड़ों की संख्या नाम मात्र की दर्ज कराई गई है जो भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन देना है इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाकर वन विभाग के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए
शासन से प्राप्त भूमि को निजी भूमि बता रहे
वन विभाग के पहाड़ों के समीप किसानो की शासन से प्राप्त भूमि थी उन सभी की खसरों में शासन से प्राप्त भूमि दर्ज है परंतु राजस्व विभाग ने फर्जी तरीके से 5- 6 माह में खसरा से शासन से प्राप्त भूमि को विलोपित कर भूमि स्वामी दर्ज किया गया है इतनी बड़ी संख्या में एक साथ शासन से प्राप्त भूमि को हटाकर भूमि स्वामी दर्ज करना और कंपनी को लाभ पहुंचाना निश्चित तौर पर ऐसी प्रक्रिया से संदेह उत्पन्न होता है और इसके तुरंत बाद अवनी परिधि कंपनी द्वारा ऐसी सभी जमीनों की किसानों से विक्रय पत्र अपने नाम दर्ज करवा लिया और कंपनी ने राजस्व अधिकारियों से साथ मिलीभगत करके दलालों के माध्यम से 80 से 90 हजार रुपए लगभग प्रति बीघा किसानो की जमीन कौड़ियों के भाव में खरीदी इसकी निष्पक्ष रूप से जांच की जाना चाहिए। भोपाल में बैठी आईएएस लॉबी जिला प्रशासन पर बना रही है दबाव- अजय मिश्रा ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि भोपाल में चार पांच आईएएस अफसर का एक समूह है जो पूरे मध्य प्रदेश में खनन माफिया से साझेदारी करके हमारे प्रदेश की खनिज संपदा को लूटने में लगे हुए और वह आईएएस लॉबी इतनी शक्तिशाली है कि प्रदेश जिले के अधिकारी उनके फरमान को नकार नहीं सकते क्रमिक अनशन कार्यक्रम में रामूपुरा भड़ार और भितरिया के किसानों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एसडीएम और थाना प्रभारी लवकुशनगर की समझाइए से किसानों ने अपना अनशन स्थगित करते हुए आगामी तिथि पर अनशन करने की बात कही।
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