वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय बाजार में सोने और चांदी के दाम गिरे। जानें क्यों चांदी 5% और सोना 2.5% तक फिसला और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं।

बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिला है। गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव 5% से अधिक लुढ़क गए, जबकि सोने की कीमतों में भी लगभग 2.5% की कमी आई।
दोपहर के कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे यह करीब 12,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। इसी तरह, सोने के भाव में भी 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई। वर्तमान में चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के नीचे ट्रेड कर रहा है।
बाजार विशेषज्ञों ने इस अचानक आई गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:
कच्चे तेल में उछाल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के कारण तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की खबरें आईं। इसके चलते कच्चा तेल 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और भविष्य में भी कटौती के संकेत नहीं दिए हैं। जेरोम पॉवेल के बयान के बाद निवेशकों ने कीमती धातुओं से पैसा निकालकर मुनाफावसूली शुरू कर दी।
निवेशकों का बदलता रुख: आमतौर पर संकट के समय सोने को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता और ऊंचे भावों को देखते हुए निवेशकों ने भारी बिकवाली की है।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक शिखर छुआ था। पिछले दो वर्षों की लगातार तेजी के बाद अब बाजार में 'करेक्शन' का दौर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार की चाल अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर टिकी होगी।

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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।
वैश्विक चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.88 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।