ग्वालियर में साइबर ठगों ने 75 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी को IPS और CBI बनकर 31 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर 1.12 करोड़ रुपये ठग लिए।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 202612:48 PM
ग्वालियर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नए साल की सबसे बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां खेड़ापति कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक (रजिस्ट्रार) बिहारी लाल गुप्ता को ठगों ने 31 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा और उनसे 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को ट्राई (TRAI), आईपीएस अधिकारी और सीबीआई ऑफिसर बताकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी थी।
घटना 16 नवंबर 2025 को शुरू हुई, जब बुजुर्ग के पास 'रोहित शर्मा' नामक व्यक्ति का कॉल आया जिसने खुद को ट्राई अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपका आधार और मोबाइल नंबर बंद होने वाला है क्योंकि आपके नाम से खुले बैंक खाते का उपयोग करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। इसके बाद वर्दी पहने एक फर्जी IPS नीरज ठाकुर ने वीडियो कॉल कर बुजुर्ग को डराया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर घर में ही कैद (डिजिटल अरेस्ट) रहने को मजबूर कर दिया।
ठगों ने बुजुर्ग को विश्वास दिलाने के लिए सीबीआई अधिकारी बनकर बात की और कहा कि उनकी संपत्ति और बैंक बैलेंस की जांच आरबीआई (RBI) द्वारा की जाएगी। डर के मारे बुजुर्ग ने चार बार में कुल 1.12 करोड़ रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। हर बार ठग उन्हें वॉट्सऐप पर आरबीआई की फर्जी सील लगी रसीद भी भेजते थे।
3 जनवरी 2026 तक ठगी का यह सिलसिला चला। दो दिन पहले जब बुजुर्ग ने मोबाइल पर डिजिटल अरेस्ट से बचने का एक जागरूकता वीडियो देखा, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर एसएसपी से संपर्क किया। फिलहाल क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें..