जबलपुर हाईकोर्ट ने न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड मामले में सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। 2022 के अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें नियमों की अनदेखी कर लाइसेंस देने का आरोप है।

जबलपुर: स्टार समाचार वेब.
नियमों की अनदेखी कर चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने शहर के बहुचर्चित न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पुलिस को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रश्नावली के जवाब भी दो सप्ताह के भीतर देने को कहा गया है।
यह मामला लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल द्वारा 2022 में दायर एक याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कोरोना काल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर कई अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई थी। इसमें नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सेफ्टी नियम, बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट की अनदेखी करने, और आगजनी की स्थिति में दमकल वाहन के लिए 6 मीटर खुला क्षेत्र व पार्किंग स्पेस की उपलब्धता देखे बिना लाइसेंस जारी करने का जिक्र था।
याचिका के लंबित रहने के दौरान, अगस्त 2022 में शिव नगर स्थित न्यू लाइफ अस्पताल में भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। अस्पताल में आपातकालीन द्वार न होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए थे। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन अधिकारियों को दोषी पाया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी और एक प्रश्नावली भी सौंपी थी, जिसके जवाब अब हाईकोर्ट ने मांगे हैं।

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