मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर मंत्री निर्मला भूरिया और नरेंद्र शिवाजी पटेल के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जानें पूरी खबर और कांग्रेस की प्रतिक्रिया।

मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों से गरमाई सियासत
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की बहुचर्चित 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना' के रजिस्ट्रेशन पोर्टल को दोबारा खोले जाने को लेकर राज्य सरकार के भीतर ही दो अलग-अलग सुर सुनाई देने लगे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल पोर्टल को दोबारा शुरू करने की कोई तात्कालिक योजना या प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उनका यह बयान राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के उस दावे के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने वंचित और छूटी हुई महिलाओं को योजना के दायरे में जोड़ने के लिए जल्द ही पोर्टल खोले जाने का संकेत दिया था। सरकार के इन दो जिम्मेदार मंत्रियों के बयानों में आए इस विरोधाभास के बाद राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ गया है।
निर्मला भूरिया : फिलहाल कोई नया पंजीकरण नहीं
मंत्रियों के बयानों से उपजे भ्रम और कयासों पर विराम लगाते हुए कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाड़ली बहनों के खातों में नियमित रूप से राशि ट्रांसफर की जा रही है। राज्य मंत्री पटेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूरिया ने सहजता से कहा कि कई बार बातचीत के प्रवाह में मंत्री साथी इस तरह के बयान दे देते हैं, लेकिन आधिकारिक स्तर पर नया पंजीकरण शुरू करने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। भविष्य में यदि ऐसा कोई निर्णय लिया जाता है, तो इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
नरेंद्र शिवाजी पटेल का दावा और आंतरिक निर्देश
इससे पहले राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा में यह संकेत दिया था कि सरकार उन पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने पर विचार कर रही है जो किन्हीं कारणों से इसका लाभ उठाने से वंचित रह गई थीं। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे मामलों का आकलन करने के लिए आंतरिक निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र महिला इस महत्वाकांक्षी योजना से अछूती न रहे। हालांकि, अपने इस बयान के दौरान उन्होंने पोर्टल खुलने की किसी निश्चित समय-सीमा या तारीख की घोषणा नहीं की थी, जिसके चलते यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस का तीखा हमला

सरकार के भीतर मंत्रियों के इन अलग-अलग और विरोधाभासी बयानों को आड़े हाथों लेते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पटवारी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं से 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया था, जबकि वर्तमान में मात्र 1,500 रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का एक मंत्री पोर्टल खोलने का दावा करता है और दूसरी मंत्री साफ इनकार कर देती है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि सरकार सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के तहत महिलाओं को भ्रमित कर रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि प्रदेश की महिलाएं इस प्रकार की बयानबाजी और धोखाधड़ी का जवाब आने वाले समय में देंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक 950 किमी की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' शुरू करेंगे। जानिए इस 70 दिवसीय पैदल यात्रा का रूट, धार्मिक अनुष्ठान और मुख्य उद्देश्य।
भोपाल के नीलम पार्क में कोरोना काल के आयुष डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का 11वें दिन भी प्रदर्शन जारी। अर्धनग्न होकर और PPE किट पहनकर स्वास्थ्यकर्मियों ने संविदा बहाली की मांग की।
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर मंत्री निर्मला भूरिया और नरेंद्र शिवाजी पटेल के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जानें पूरी खबर और कांग्रेस की प्रतिक्रिया।
भोपाल के ऐशबाग इलाके में डबल मर्डर सनसनीखेज मामला। पूर्व एएसआई योगेश मरावी ने पत्नी विनीता और साली मेघा उइके की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या की थी। कोर्ट ने आरोपी को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सीएम हाउस घेराव के लिए विशाल रैली निकाली। रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस ने रोका, आंदोलनकारियों की चेतावनी- आदेश मिलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन।
सतना के मझगवां में पुश्तैनी जमीन पर प्लांटेशन के विरोध में जयस ने प्रदर्शन किया। वन विभाग पर मनमानी के आरोप लगाते हुए संगठन ने वनाधिकार पट्टे, ग्रामसभा के अधिकार और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई।
9,850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड और विंध्य को नई सड़क कनेक्टिविटी दे सकता है। सर्वे और डीपीआर जारी हैं, जबकि नागौद, उचेहरा और पतेरी क्षेत्र में संभावित संपर्क बिंदुओं पर नजरें टिकी हैं।
सांसद गणेश सिंह ने निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शासकीय मेडिकल कॉलेज सतना में 150 एमबीबीएस विद्यार्थियों ने श्वेत कोट पहनकर चिकित्सा सेवा की शपथ ली।
सतना नगर निगम की एमआईसी और स्मार्ट सिटी बोर्ड बैठक में पेयजल, सड़क, जल निकासी, खेल सुविधाओं और सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव मंजूर हुए। 1080 श्रमिकों की सेवा बढ़ी, 179 हितग्राहियों को आवास योजना में पात्रता मिली।
आज यानी गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक और दूरगामी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इस बैठक में औद्योगिक विकास, शिक्षा, सिंचाई, आयुष और महिला एवं बाल विकास क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने जबलपुर से इंदौर तक बनने वाले महत्वपूर्ण इकोनॉमिक कॉरिडोर के एकीकृत विकास के लिए एक विशेष कंपनी के गठन को मंजूरी दी है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह