मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया को ऑनलाइन और तेज बनाते हुए हर स्तर पर सख्त समय-सीमा तय कर दी है। अब नए और पुनरीक्षित पेंशन प्रकरण तय दिनों में होंगे निपटारा।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब रिटायरमेंट के बाद पेंशन शुरू कराने के लिए कर्मचारियों को महीनों दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वित्त विभाग ने ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे के लिए हर स्तर पर कड़े नियम और समय-सीमा तय कर दी है। नई व्यवस्था के तहत फाइलों के बेवजह लंबित रहने पर अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
वित्त विभाग की नई व्यवस्था के अनुसार, सामान्य नए पेंशन मामलों को मुख्य रूप से तीन स्तरों—क्रियेटर (Creator), वेरीफायर (Verifier) और एप्रूवर (Approver) से गुजरना होगा। प्रत्येक स्तर के लिए अधिकतम 5 कार्य दिवस तय किए गए हैं। इस प्रकार, पूरी सामान्य पेंशन प्रक्रिया को अधिकतम 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से यह ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा कि कोई विशेष फाइल वर्तमान में किस अधिकारी के पास लंबित है।
पेंशन संशोधन या पुनरीक्षण (Revision) से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को और अधिक तीव्र बनाया गया है। ऐसे मामलों में क्रियेटर को 4 दिन, जबकि वेरीफायर और एप्रूवर को 3-3 दिन का समय दिया गया है, जिससे यह पूरा कार्य अधिकतम 10 कार्य दिवसों में निपटेगा। इसके अलावा, वेतन निर्धारण से जुड़े प्रकरणों के लिए कुल 11 कार्य दिवस तय किए गए हैं, जिसमें क्रियेटर को 5 दिन और वेरीफायर तथा एप्रूवर को 3-3 दिन का समय मिलेगा।
विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि संभागीय और जिला कार्यालयों में ऑनलाइन फाइलें लंबे समय तक अटकी रहती थीं, जिससे अनावश्यक विलंब होता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए समय-सीमा का पालन अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए अग्रिम प्रक्रिया रिटायरमेंट से पहले ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन का लाभ मिल सके।
पेंशन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए वित्त विभाग द्वारा 9 जून 2025 को राज्य केंद्रीकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) का गठन किया गया था, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से यह आधुनिक ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की गई है। एससीपीपीसी के माध्यम से अब नई पेंशन, पुनरीक्षित पेंशन और सेवानिवृत्ति से दो साल पहले के वेतन निर्धारण के अनुमोदन जैसी सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं तय समय सीमा के भीतर प्रबंधित की जा रही हैं।

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