सतना शहर के प्राचीन शंकर मंदिर की दान की गई जमीन को बेचे जाने की कोशिशों से शिवभक्तों में आक्रोश है। 1956 के दानपत्र के बावजूद जमीन पर वारिसों द्वारा कब्जा कर बिक्री की कोशिशें की जा रही हैं। मामले की जांच एसडीएम सिटी को सौंपी गई है।

पूर्वजों ने किया दान अब वारिस बेचने पर उतारू
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर के मध्य स्थित एक ऐतिहासिक शिव मंदिर और उससे जुड़ी जमीन की बिक्री को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामला सर्किट हाउस के पीछे पश्चिम दिशा में स्थित प्राचीन मुन्नालाल पंसारी का बाड़ा और शंकर मंदिर से जुड़ा है, जिसे वर्षों पूर्व एक धार्मिक दानपत्र के माध्यम से देवाधिदेव महादेव को समर्पित किया गया था, लेकिन अब दानदाता के वारिसों ने शंकर मंदिर को खुर्द-बुर्द करते हुए इसकी बिक्री की कवायदें शुरू की है, जिसकी शिकायत कलेक्टर के यहां की गई है, जिसकी जांच का जिम्मा एसडीएम सिटी को सौंपा गया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर किस तरह से कार्रवाई करता है। क्या शिवभक्तों की आस्था की रक्षा होगी या लालच के आगे आस्था की यह बेशकीमती विरासत नीलाम हो जाएगी? जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल शहर की निगाहें कलेक्टर और एसडीएम की कार्रवाई पर टिकी हैं।
दानपत्र बनाकर गठित किया था न्यास
शहर के प्रमुख व्यवसायी रहे मुन्नालाल पंसारी के उत्तराधिकारी अर्जुनदास खंडेलवाल ने दिनांक 16 अप्रैल 1956 को बम्हनगवां मौजा की आराजी क्रमांक 232 तथा सतना की आराजी क्रमांक 142, 143 को एक पंजीकृत दानपत्र के माध्यम से भगवान शंकर को समर्पित कर दिया था। इसके साथ ही एक धार्मिक ट्रस्ट की भी स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य मंदिर और उससे जुड़ी संपत्ति की देखरेख करना था। इस धार्मिक स्थल की लोकप्रियता समय के साथ बढ़ती गई और यह जगह शहर के शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गई। यहां श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आते, और स्थानीय समुदाय के बीच यह स्थान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। अर्जुनदास खंडेलवाल के निधन के बाद वर्ष 1967 में उनके ही परिजन देवीशंकर खंडेलवाल ने ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभाली।
जमीन पर शुरू हुई लालच की राजनीति
समय के साथ जैसे-जैसे इलाके की जमीन की कीमतें बढ़ती गईं, वैसे-वैसे ट्रस्ट से जुड़ी इस भूमि पर खंडेलवाल परिवार के वारिसों की नजरें टेढ़ी होती गईं। शिकायतकर्ता शरद सिंह के अनुसार, वर्ष 1982 में रहस्यमयी तरीके से कुछ नए दस्तावेज तैयार कराए गए, जिनके आधार पर उक्त जमीन को टुकड़ों में बांटकर बेचे जाने का षड्यंत्र शुरू हुआ। इसमें राजस्व विभाग की संदिग्ध भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे । शिकायतकर्ता का कहना है कि ट्रस्ट या दानपत्र से जुड़ी संपत्ति को बेचना अवैध है, ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि इस बिक्री को किस आधार पर वैध ठहराया गया।
शंकर मंदिर के दरवाजे पर ताले, दर्शन पर रोक
इस विवाद के केंद्र में कामना खंडेलवाल पत्नी रामप्रसाद खंडेलवाल का नाम सामने आ रहा है, जिन पर आरोप है कि वे वर्तमान में इस पवित्र स्थल को बेचने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार को ताले डालकर बंद कर दिया जाता है। शिकायत में बताया गया कि शिव प्रतिमा के दर्शन करने आने वाले भक्तों को मंदिर के बाहर से ही लौटा दिया जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि मंदिर से जुड़े कक्ष और हॉल तक को ध्वस्त कर दिया गया है। अब खबरें हैं कि मंदिर और उससे जुड़ी दुकानों को भी तोड़कर बेचा जाने वाला है।
जांच शुरू, उम्मीदों की डोर अभी बाकी
शिवभक्तों की शिकायत पर कलेक्टर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया को सौंपा है। यह जांच कई सवालों के उत्तर तलाशेगी—क्या ट्रस्ट की संपत्ति को बेचना कानूनन संभव है? यदि नहीं, तो फिर इस संपत्ति के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को राजस्व अमले ने क्यों नजरअंदाज किया? कहीं इसमें अंदरूनी सांठगांठ तो नहीं?
सवाल जो मांग रहे जवाब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सर्वे और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
रीवा के उपरहटी मोहल्ले में प्राचीन शिवलिंग ‘पड़ोसी बाबा’ के नाम से पूजित है। मान्यता है कि यह हजार वर्ष पुराना है। टेढ़ी जलहरी, भस्म आरती और रंगपंचमी का आयोजन इसकी विशेष पहचान है।
रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।
रीवा के शान-ए-विंध्य सम्मान समारोह में डॉली चायवाला, सुनील पाल और अभय शर्मा ने दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रतिभाओं का सम्मान हुआ, संगीत ने समां बांधा और बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई।
रीवा में जनवरी से जुलाई के बीच 250 से अधिक साइबर ठगी के मामले पुलिस तक पहुंचे। जालसाजों ने करीब एक करोड़ रुपए ठगे। वर्क फ्रॉम होम, फर्जी क्रेडिट मैसेज और एपीके फाइल प्रमुख माध्यम बने।
सीधी के शिकारगंज-भंवरसेन मार्ग पर लगातार बारिश से सड़क किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ गया है। कई जगह आधार कमजोर हो चुका है। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच हादसे की आशंका बढ़ी, सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।
पन्ना के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में औषधीय महत्व वाला केवकंद पौधा मिला है। विशेषज्ञ ने इसकी पहचान की। प्राकृतिक जंगलों में इसकी मौजूदगी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और वनौषधीय संपदा को दर्शाती है।
सतना में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने मेडिकल नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दो युवकों से 39 और सप्लायर से 22 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुई।
जसो थाना पुलिस ने अर्जुनखोह जंगल में युवक की हत्या का तीन महीने बाद खुलासा किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बदनामी और कथित अवैध संबंधों के विवाद में हत्या सामने आई।
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने लगा है। बाबूपुर में जलभराव की समस्या दूर की गई। प्रशासन ने पुल-रपटों से दूरी, जलभराव में सेल्फी रोकने और सुरक्षित रहने की अपील की।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह