मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति साझा की। पीएमजी और प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रदेश ने 97% सफलता दर हासिल की है। जानें रेल, सड़क और निवेश से जुड़ी बड़ी अपडेट्स।
By: Star News
Jan 14, 20265:21 PM
भोपाल: स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश परियोजनाओं की प्रगति पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। केंद्र और राज्य के बीच प्रभावी समन्वय से दशकों से अटकी हुई परियोजनाओं को अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (PMG) और "प्रगति" (PRAGATI) प्लेटफार्म की शुरुआत से देश में निवेश के माहौल में क्रांतिकारी बदलाव आया है। इन डिजिटल प्लेटफार्म्स ने नीति-निर्माण को परिणामोन्मुख बनाया है। पहले जो परियोजनाएं विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण कागजों तक सीमित रहती थीं, अब उनकी सीधी निगरानी और समस्याओं का समाधान त्वरित गति से सुनिश्चित किया जा रहा है।
डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये की लागत वाली 101 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन और समस्याओं के निराकरण में 97 प्रतिशत की ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर-गोंदिया लाइन से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हुआ है, जिससे जबलपुर, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर भी युद्ध स्तर पर कार्य जारी है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने 'प्रगति' प्लेटफार्म पर प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि "नीति नहीं निष्पादन और घोषणा नहीं डिलीवरी" के मंत्र के साथ सरकार काम कर रही है। मध्यप्रदेश ने भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी राष्ट्रीय स्तर पर दक्षता के नए मानक स्थापित किए हैं। पीएमजी पोर्टल पर दर्ज 322 मुद्दों में से राज्य ने 312 का समाधान कर दिया है, जो प्रदेश में बेहतर प्रशासनिक तालमेल और 'गुड गवर्नेंस' का प्रत्यक्ष प्रमाण है।