जानिए मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में लाखों सीटें क्यों खाली रह रही हैं। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता और तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को हो रही परेशानी।

स्टार समाचार वेब. एज्युकेशन डेस्क
मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों की सीटें भरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन कई संस्थानों में आधी सीटें भी नहीं भर पाई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार लगभग पौने दो लाख सीटें खाली रह सकती हैं।
राज्य के 1386 कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों की लगभग दस लाख सीटें हैं, जिनमें से 1.25 लाख सीटें खाली रहने का अनुमान है। इसी तरह, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की तीन लाख सीटों में से करीब 75,000 सीटें अभी भी खाली हैं। कुल मिलाकर, लगभग 1.75 लाख सीटों पर प्रवेश होना बाकी है, जबकि शनिवार आवेदन का अंतिम दिन था।
इस समस्या के पीछे मुख्य रूप से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता है। पहले कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) में छात्र सीधे कॉलेज जाकर प्रवेश ले सकते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई है।
जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया: छात्रों को बार-बार पोर्टल पर लॉग-इन करने, दस्तावेज अपलोड करने और धीमी वेबसाइट जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रक्रिया अधूरी रह गई, जिससे परेशान होकर कई छात्रों ने प्रवेश लेने का विचार ही छोड़ दिया।
कॉलेजों की सीमित भूमिका: सीएलसी का उद्देश्य छात्रों को सीधे कॉलेज में प्रवेश देना था, लेकिन अब कॉलेजों की भूमिका केवल मार्गदर्शन तक सीमित कर दी गई है। प्रवेश से जुड़ी सभी औपचारिकताएं छात्रों को खुद ऑनलाइन करनी पड़ती हैं।
निजी विश्वविद्यालयों की ओर रुझान: ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता से परेशान होकर कई छात्रों ने सरकारी और निजी कॉलेजों के बजाय सीधे निजी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना बेहतर समझा, जहां प्रक्रिया अधिक सरल होती है।
One's more plz open in ragistration please

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मध्य प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत BRC और APC के 525 पदों पर भर्ती प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी। उच्च पद प्रभार शिक्षकों को पात्रता में शामिल करने की मांग उठी है।
कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने ग्रुप-2 सब ग्रुप-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित कर दिया है। 454 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।
केवल लंबे समय तक काम करने से किसी कर्मचारी को स्थाई कर्मी बनने का अधिकार नहीं मिल जाता। जनभागीदारी समिति द्वारा नियुक्त व्यक्ति भी केवल नियुक्ति के आधार पर राज्य सरकार का नियमित कर्मचारी नहीं बन सकता।
सीएसआईआर यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संयुक्त सीएसआईआर यूजीसी-एनईटी जून 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 आगामी 7 से 12 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। प्रदेश के 12 जिलों में होने वाली इस परीक्षा के जरिए 156 पदों के लिए 3,775 अभ्यर्थी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को थ्री-लेयर सिक्योरिटी जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
NTA जल्द ही UGC NET June 2026 के 84 विषयों की फाइनल आंसर की और परिणाम जारी करेगा। साथ ही CSIR NET और ICAR परीक्षाओं के भी रिजल्ट इसी सप्ताह आएंगे। जानिए कैसे चेक करें स्कोरकार्ड।
देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अपने कुल बजट का औसतन केवल 13.76 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च कर रही है।
सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सीटीईटी 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। योग्य उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) शैक्षणिक संस्थानों में तय ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य है। अदालत ने स्कार्फ या हिजाब पहनने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की ओर से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। समूह-2 उपसमूह-04 के अंतर्गत निकाली गई पंचायत अधिकारी और अन्य समकक्ष पदों की भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है।