सिंगरौली के देवसर विधानसभा स्थित बड़ी सितुल गांव में बच्चों को स्कूल जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। आज तक पक्की सड़क नहीं बनी, अधिकारी, नेता सिर्फ़ आश्वासन दे रहे हैं।

हाइलाइट्स
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
एक तरफ देश के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर चाँद और मंगल ग्रह तक पहुँच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ आजादी के बाद भी सिंगरौली के देवसर विधानसभा के बनौली पंचायत अंतर्गत बड़ी सितुल गाँव के बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्राथमिक विद्यालयों तक पहुँचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्कूली छात्र बिना सड़क वाले कीचड़ भरे रास्ते पर गिरते-पड़ते स्कूल पहुँचते हैं। कई बार तो शिक्षक भी सड़क पर चलते हुए गिर जाते हैं। इतना ही नहीं कई बार स्कूल का निरीक्षण करने गए अधिकारी भी पगडंडी से गिर चुके हैं। मामला सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा के बनौली पंचायत अंतर्गत बड़ी सितुल गाँव आज भी मूलभूत सुविधा सड़क से वंचित है। गाँव तक पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को रोजÞाना काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। छोटे बच्चों का स्कूल पहुँचना मुश्किल हो जाता है। गाँव की महिलाएँ और बुजुर्ग भी आने-जाने में लाचार हैं। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है जब कोई बीमार पड़ जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना होता है। ऐसे समय में खाट ही एम्बुलेंस बन जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, विधायक और सांसद ने अब तक इस बुनियादी समस्या पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन, शिकायत और अपील के बावजूद उन्हें सिर्फÞ आश्वासन ही मिले हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बड़ी सितुल तक पक्की सड़क बनाने की अपील की है ताकि उन्हें भी देश के बाकी नागरिकों की तरह बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।


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