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कुल मान घिसिंग बनेंगे नेपाल के अंतरिम PM? 'जेन-जी' प्रदर्शनकारियों ने चुना, ठुकराया बालेन और सुशीला कार्की का नाम

नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम ठुकराकर उन्होंने बिजली संकट खत्म करने वाले इंजीनियर कुल मान घिसिंग को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। जानें क्यों घिसिंग हैं सबकी पसंद।

By: Ajay Tiwari

Sep 11, 20255:16 PM

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कुल मान घिसिंग बनेंगे नेपाल के अंतरिम PM? 'जेन-जी' प्रदर्शनकारियों ने चुना, ठुकराया बालेन और सुशीला कार्की का नाम

नेपाल. स्टार समाचार वेब

नेपाल में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अंतरिम सरकार को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं। पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की और काठमांडू के मेयर बालेन शाह के नाम की चर्चा थी, लेकिन अब एक चौंकाने वाला नाम सामने आया है - नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व प्रमुख कुल मान घिसिंग (Kul Man Ghising)।

क्यों चुना गया कुल मान घिसिंग को?

'जेन-जी' प्रदर्शनकारियों ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि छह घंटे की वर्चुअल बैठक के बाद घिसिंग के नाम पर सहमति बनी। उन्हें 'देशभक्त और सबका चहेता' बताया गया है। घिसिंग को चुनने के पीछे कई कारण हैं:

बिजली संकट का समाधान:

  • कुल मान घिसिंग ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रमुख के रूप में देश के भीषण बिजली संकट को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें जनता के बीच 'मसीहा' की पहचान दिलाई।

टेक्निकल एक्सपर्ट छवि:

  • वह सियासत के पुराने चेहरों से अलग हैं। उनकी छवि एक तकनीकी विशेषज्ञ और समस्याओं का प्रभावी हल निकालने वाले शख्स की है।

भ्रष्टाचार विरोधी चेहरा:

  • प्रदर्शनकारी उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखते हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई और प्रभावी लड़ाई शुरू कर सकते हैं।

बालेन शाह और सुशीला कार्की का नाम क्यों हुआ खारिज?

बालेन शाह (Balen Shah):

  • जेन-जी प्रदर्शनकारियों ने पहले काठमांडू के मेयर बालेन शाह को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों में मतभेद भी सामने आए। बालेन ने सोशल मीडिया पर शांति बनाए रखने की अपील भी की थी।

सुशीला कार्की (Sushila Karki):

  • पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम भी चर्चा में था। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनकी उम्र (73 साल) और संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। उनका तर्क था कि नेपाल का संविधान पूर्व न्यायाधीशों को प्रधानमंत्री बनने से रोकता है।

कुल मान घिसिंग का चयन यह दर्शाता है कि प्रदर्शनकारी पारंपरिक राजनीति से हटकर ऐसे व्यक्ति को मौका देना चाहते हैं जो अपनी कार्यकुशलता और देशभक्ति के लिए जाने जाते हैं।

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