पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध शुरू। पाक एयरफोर्स की कंधार और काबुल पर एयरस्ट्राइक। तालिबान का दावा- 55 पाक सैनिक मारे गए और फाइटर जेट गिराया।
By: Ajay Tiwari
Feb 27, 20261:43 PM
इस्लामाबाद। स्टार समाचार वेब
दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब पूर्ण युद्ध (Open War) में तब्दील हो गया है। गुरुवार देर रात पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन गजब लिल हक' के बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। तालिबान ने दावा किया है कि उसने अफगान सीमा में घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी वायुसेना के एक फाइटर जेट को मार गिराया है। वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'खुले युद्ध' वाले बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।
पाकिस्तान की सरकारी मीडिया 'पीटीवी न्यूज' के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के जेट विमानों ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार सहित कई ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। हमलों के बाद भी पाकिस्तानी लड़ाकू विमान अफगानिस्तान के आसमान में गश्त कर रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई उन आतंकी ठिकानों के खिलाफ है, जो तालिबान के संरक्षण में पाकिस्तान पर हमले कर रहे हैं।
अफगानिस्तान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने दावा किया है कि तालिबान की 203 मंसूरी कॉर्प्स और 201 खालिद बिन वालिद कॉर्प्स ने डूरंड लाइन पर भीषण जवाबी कार्रवाई की है। तालिबान के अनुसार:
इस संघर्ष में अब तक 55 पाकिस्तानी सैनिकों की जान जा चुकी है।
तालिबान ने पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों (Posts) को अपने कब्जे में ले लिया है।
सीमा पर झड़प के दौरान कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाने और उनके आधुनिक हथियार छीनने का भी दावा किया गया है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने तालिबान के दावों को खारिज करते हुए अपनी सफलता गिनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने तालिबान की 27 चौकियों को नष्ट कर दिया है और 9 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। पाकिस्तान के अनुसार, इस ऑपरेशन में 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
इस युद्ध के बीच अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सुलैमानखिल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि "पाकिस्तान आज उसी राक्षस (तालिबान) से लड़ रहा है जिसे उसने खुद पैदा किया था।" उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने सालों तक ओसामा बिन लादेन, लश्कर और जैश जैसे आतंकी समूहों को पनाह दी, और अब वही आग उसे झुलसा रही है।
बढ़ते तनाव को देखते हुए पड़ोसी देश ईरान ने चिंता व्यक्त की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि रमज़ान के पवित्र महीने में दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने पेशकश की है कि ईरान दोनों इस्लामी देशों के बीच संवाद और मध्यस्थता के लिए तैयार है।
MEA की प्रतिक्रिया: भारत सरकार ने सीमा पार आतंकवाद पर अपनी चिंता दोहराई है और दोनों पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संवाद (Dialogue) के जरिए शांति बहाल करने की अपील की है।
सुरक्षा अलर्ट: भारत ने अपनी पश्चिमी सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी है ताकि इस अस्थिरता का असर भारत की सुरक्षा पर न पड़े।