रीवा में स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आनंदम प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 25 कूलर लगाए गए लेकिन 50 का बिल लगाया गया, वहीं 2 एसी को बढ़ाकर 12 दिखाया गया। जांच में मैट, कुर्सी, गद्दा, तकिया तक की संख्या में हेरफेर मिला। 32 लाख फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशिक्षण के नाम पर एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ट्रेनिंग में जहां 25 कूलर लगाए गए थे उसे 50 कूलर बनाकर बिल लगाया गया। वहीं 2 एसी के स्थान पर 12 एसी का बिल पास कराने की कोशिश की गई। मामले की जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भोज दी गई है। शिक्षा विभाग द्वारा किया गया यह फर्जीवाड़ा किसी के गले नहीं उतर रहा है। मनमानी बिल पास कराने के लिए बनाए जा रहे दबाव के बाद अब अधिकारियों को ऑफर भी दिए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल से 32 लाख रुपए का फंड आया था। शासकीय हाई स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को आनंद सभा में 6 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना था। मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 1 में 5 चरणों में 6 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में टेंडर से लेकर बिल तक में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। 32 लाख रुपए के बजट को फर्जी बिल लाकर पास कराने की जुगत •िाड़ाई जा रही थी। इसी दौरान जेडी की कुर्सी बदल गई और सारा •ाांडा फूट गया। आनंदम प्रशिक्षण के दौरान किए गए खर्च की जांच कराई गई। कमेटी का गठन कर दिया गया। इस टीम ने जब रिपोर्ट प्रस्तुत की तो फर्जीवाड़े का पूरा काला चिट्ठा ही सामने आ गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जेडी लोक शिक्षण पर दबाव बनाकर भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इसकी जानकारी भोपाल आयुक्त लोक शिक्षण के पास पहुचं गई है।
जिसके नाम टेंडर खुला उसे काम ही नहीं करने दिए
स्कूल शिक्षा विभाग में जितने भी प्रशिक्षण होते हैं। उन प्रशिक्षण में कैटरिंग का सारा ठेका एक ही कंपनी को मिलता है। यह कंपनी एक स्कूल प्राचार्य के द्वारा संचालित की जाती है। आनंदम में भी ऐसा ही हुआ। जब टेंडर खुला तो सबसे कम दर केशरवानी टेंट हाउस ने डाला था। उसे टेंडर मिला लेकिन केशरवानी से सहमति लेकर काम मेसर्स सांई इवेंट मैनेजमेंट एंड कैटरिंग ने ले लिया। सांई इवेंट ने खाने में बड़ा खेल कर दिया। प्रशिक्षण में खाने वाले कम थे लेकिन बिल कई गुना अधिक का बनाया गया।
सिर्फ 2 एसी लगाई और 12 का बिल पास करा रहे थे
आनंदम प्रशिक्षण में सिर्फ 2 एसी लगाई गई थी। जांच में सामने आया कि इसमें भी कैटरिंग कंपनी ने बड़ा हेरफेर किया। जब बिल लगाने की बारी आई तो 2 की जगह 12 एसी का बिल लगा दिया गया। 6 गुना अधिक एसी का बिल पास कराने में लगे थे। इसी तरह कूलर में भी खेल किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 25 कूलर ही प्रशिक्षणार्थियों के लिए लगाए गए थे लेकिन बिल 50 कूलर के हिसाब से पास कराया जा रहा था।
यहां भी पकड़ में आई गड़बड़ी
आनंदम प्रशिक्षण के दौरान मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 1 में जमीन पर मैट बिछवाई गई थी। कुल 4 हजार स्क्वेयर फीट में ही मैट बिछवाई गई लेकिन बिल 8 हजार का लगाया गया। इसी प्रकार गद्दा, तकिया, कुर्सी, बाल्टी और जग की संख्या में भी गड़बड़ी की गई। डिमांड और सप्लाई से कहीं अधिक संख्या दर्ज की गई। जिससे अधिक से अधिक बिल लगाया जा सके।
प्राचार्य को 5 लाख रुपए एडवांस में दे दिया
हद तो यह है कि शासन से आई राशि का जमकर बंदरबांट किया गया। ऐसा पहली बार है जब किसी प्रशिक्षण में आई राशि को एडवांस में दिया गया हो। जेडी कार्यालय से 5 लाख रुपए मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 1 के प्राचार्य को एडवांस में दिया गया था। इस प्रशिक्षण की राशि का प्राचार्य ने दुरुपयोग किया था। इस राशि का उपयोग हास्टल आदि के मेंटीनेंस में लगा दिया था।
भंडार क्रय नियमों का हुआ उल्लंघन
परीक्षण करने पर पाया गया कि प्रशिक्षण के दौरान किए जाने वाले व्यय में मप्र शासन द्वारा निर्धारित •ांडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया। मनमानी ढ़ंग से स्वीकृत निविदाकार को कार्य न देकर पूर्व निविदाकार से सहमत के आधार पर कार्य कराया गया जो कि नियम विरुद्ध है। कार्य के प्रारंभ में ही निविदाकार एवं प्राचार्य को अग्रिम राशि का भुगतान किया गया, जो शासकीय नियमों के विपरीत है।
इन शिक्षकों, अधिकारियों की रही भूमिका
इस पूरे खेल में जेडी आफिस में पदस्थ अधिकारी से लेकर मार्तण्ड स्कूल प्राचार्य और एक शिक्षक की भूमिका संदिग्ध रही। मार्तण्ड स्कूल का एक शिक्षक बिल को पास कराने में एड़ी चोटी का जोर लगाता रहा। वहीं एक स्कूल के प्राचार्य की कंपनी को ही नियम विरुद्ध तरीके से टेंडर दिया गया। प्राचार्य स्कूल छोड़कर डीईओ कार्यालय, बीईओ और जेडी आफिस में टेंडर पाने के लिए ही डटे रहते थे। अब इनका भांडाफूट गया है।
मामला जानकारी में नहीं था। आपने संज्ञान में लाया है। इस मामले में जानकारी ली जाएगी और गलत होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
बीएस जामोद, कमिश्नर, रीवा संभाग


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में एनएसयूआई ने पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि जारी करते हुए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना और समान नागरिक संहिता पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सतना में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प, हिरासत, यातायात जाम और थाना वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।