रीवा संभाग में स्कूल शिक्षा विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी, गोपनीय चरित्रावली और न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता से हजारों शिक्षकों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। अंतिम सूची भोपाल से जारी होगी।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
स्कूल शिक्षा विभाग भी प्रमोशन लिस्ट जारी करने वाला है। रीवा संभाग अंतर्गत प्रमोशन की दौड़ में हजारों की संख्या में शिक्षक शामिल है। प्राथमिक, सहायक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षक, व्याख्याता सभी का प्रमोशन होना है लेकिन टीईटी राह में रोड़ा बन रहा है। ऐसे में सिर्फ उन्हीं का नंबर लगेगा जो इस नियम के दायरे में बाहर होंगे। कईयों की उम्मीदें टीईटी के कारण अधूरी रहने वाली है।
आपको बता दें कि शासन ने सभी विभागों में पदोन्नति देने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों में धड़ाधड़ वरिष्ठता सूची के हिसाब से पदोन्नति आदेश जारी किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग भी इसी क्रम में पदोन्नति की लिस्ट तैयार करने में लगा हुआ है। भोपाल से शिक्षकों की वरिष्ठता सूची भी जारी कर दी गई। जिनका लिस्ट में नाम है, अब वह अपनी सीआर जुटाने में लगे हुए हैं। भोपाल सीआर पहुंचते ही लिस्ट जारी कर दी जाएगी। हालांकि इस प्रमोशन लिस्ट में शिक्षकों की लिस्ट लंबी है लेकिन सभी को इसका फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। राष्टÑीय अध्यापक शिक्षा परिषद की गाइड लाइन के हिसाब से वह सभी शिक्षक पदोन्नति की दौड़ से बाहर हो जाएंगे जो टीईटी की अनिवार्यता में फंस रहे हैं। इसमें सिर्फ प्राथमिक ही नहीं सहायक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षक तक फंस रहे हैं। इस प्रमोशन को लेकर ही अधिकारी भी असमंजस में फंसे हुए हैं। अब सब की नजरें भोपाल से जारी होने वाली प्रमोशन लिस्ट पर टिकी हुई है।
पदोन्नति की प्रक्रिया बदली
पदोन्नति नीति में इस बार प्रमोशन की प्रक्रिया बदल दी गई है। सीआर में जिस शिक्षक को प्लस क ग्रेड मिलेगा। उसका अंक चार जुड़ेगा। क ग्रेड वालों को तीन अंक मिलेगा। इसी तरह ख ग्रेड वालों को दो अंक, द वालों को एक अंक दिया जाएगा। घ वालों को जीरो मिलेगा। न्यूनतम 12 अंक पाना अनिवार्य है। जिनका पांच साल में 12 अंक नहीं जुड़ता है तो वह प्रमोशन की पात्रता में नहीं आएंगे।
शिक्षकों से मांगी जा रही है गोपनीय चरित्रावली
शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी होते ही खलबली मच गई है। प्रमोशन के पहले शिक्षकों से पांच साल की गोपनीय चरित्रावली मांगी जा रही है। अब शिक्षक पांच साल जिस स्कूल और संस्थान में पदस्थ रहे। वहां से सीआर जुटाने में लगे हुए हैं। शिक्षकों के सीआर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे। इसके बाद सभी को मिली गे्रडिंग की जानकारी आनलाइन भेजी जाएगी। इसके बाद ही भोपाल से लिस्ट जारी होगी।
टीईटी की परीक्षा अनिवार्य, वर्ना नहीं मिलेगा प्रमोशन
प्रमोशन में टीईटी यानि कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। इस प्रमोशन में इसका असर दिखाई देगा। वर्ष 2011 के पहले से जो शिक्षक पदस्थ हैं। उनका नंबर लगना मुश्किल है। उन्हें टीईटी की परीक्षा पास करना ही होगा। वहीं 2013 और 2018 में टीईटी पास करने वाले शिक्षकों को ही प्रमोशन का फायदा मिलेगा।
प्रमोशन के लिए सिर्फ टीईटी ही नहीं यूजी, पीजी में पॉसिंग मार्क भी बनेगा रोड़ा
सिर्फ टीईटी की पास करना अनिवार्य नहीं किया गया है। शिक्षकों को यूजी, पीजी, में 50 फीसदी से अधिक अंक पाना भी बाध्यता की श्रेणी में रखा गया है। राष्टÑीय अध्यापक शिक्षा परिषद की गाइड लाइन के अनुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक, व्याख्याता को टीईटी के साथ ही यूजी, पीजी में 50 फीसदी अंक और बीएड/डीएस उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। प्राथमिक शिक्षक से माध्यमिक, माध्यमिक से उच्च माध्यमिक, उच्च माध्यमिक से व्याख्याता और व्याख्याता से प्राचार्य की दौड़ में शामिल शिक्षकों को झटका लगना तय माना जा रहा है।
टीईटी की परीक्षा अनिवार्य, वर्ना नहीं मिलेगा प्रमोशन
प्रमोशन में टीईटी यानि कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। इस प्रमोशन में इसका असर दिखाई देगा। वर्ष 2011 के पहले से जो शिक्षक पदस्थ हैं। उनका नंबर लगना मुश्किल है। उन्हें टीईटी की परीक्षा पास करना ही होगा। वहीं 2013 और 2018 में टीईटी पास करने वाले शिक्षकों को ही प्रमोशन का फायदा मिलेगा।
करीब 2 हजार शिक्षक संभाग भर से लाइन में हैं
प्रमोशन की दौड़ में करीब 1 हजार प्राथमिक और सहायक शिक्षक हैं। इसी तरह 400 के करीब माध्यमिक शिक्षक और 200 से अधिक उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रमोशन होना है। हालांकि इन सभी का प्रमोशन दुविधा में फंसा हुआ है। संभाग स्तर के अधिकारियों ने शासन स्तर से मार्गदर्शन मांगा है।
शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई है। भोपाल स्तर से ही प्रमोशन लिस्ट जारी होनी है। टीईटी की अनिवार्यता है। सभी शिक्षकों से सीआर मांगा गया है। आनलाइन जानकारी फीड कर भेज दी जाएगी। इसके बाद ही लिस्ट जारी होगी।
पीएल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, रीवा


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