स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म रंबल (Rumble) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं की जर्मन कंपनी नॉर्दर्न डेटा (Northern Data) को $767 मिलियन (लगभग 63,900 करोड़ रुपये) में खरीदने की घोषणा की है। इस अधिग्रहण के बाद रंबल के शेयरों में भारी उछाल दर्ज किया गया।

बिजनेस डेस्क, स्टार समाचार वेब
वीडियो स्ट्रीमिंग और फ्री-स्पीच प्लेटफॉर्म रंबल (Rumble) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रंबल ने जर्मनी की दिग्गज AI और क्लाउड सेवा कंपनी नॉर्दर्न डेटा (Northern Data) के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह सौदा लगभग $767 मिलियन (लगभग 63,900 करोड़ रुपये) में हुआ है। इस बड़े अधिग्रहण की खबर सामने आने के बाद रंबल के शेयरों में बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस रणनीतिक अधिग्रहण से रंबल की क्षमताएं और बाजार स्थिति मज़बूत होगी, विशेष रूप से उच्च-विकास वाले AI और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में। अधिग्रहण की घोषणा के तुरंत बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और रंबल के शेयरों में महत्वपूर्ण उछाल दर्ज किया गया। यह उछाल इस बात का संकेत है कि बाजार इस डील को रंबल के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम मान रहा है।
नॉर्दर्न डेटा डेटा सेंटर समाधान, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) और AI क्लाउड सेवाओं की विशेषज्ञता रखती है। इस अधिग्रहण के माध्यम से, रंबल इन उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपने प्लेटफॉर्म और सेवाओं में एकीकृत कर पाएगा।
AI क्षमता का विस्तार: यह डील रंबल को अपनी AI और मशीन लर्निंग क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे प्लेटफॉर्म पर सामग्री की डिलीवरी और उपयोगकर्ता अनुभव में सुधार होगा।
क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर: नॉर्दर्न डेटा के मजबूत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से रंबल को अपने विशाल डेटा को संभालने और अपनी सेवाओं को अधिक कुशलता से चलाने में मदद मिलेगी।
प्रतिस्पर्धा: यह कदम रंबल को तकनीकी दिग्गजों के बीच AI और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर की दौड़ में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करेगा।
फिलहाल, इस अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नियामक मंजूरियों का इंतजार है, जिसके बाद नॉर्दर्न डेटा आधिकारिक तौर पर रंबल का हिस्सा बन जाएगी।

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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।
वैश्विक चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.88 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।