सतना जिला अस्पताल में समय से पहले डिस्चार्ज और कमीशन के आरोप, 22 आशा कार्यकर्ताओं के नाम सार्वजनिक, जांच तेज।
By: Yogesh Patel
Feb 18, 20264:04 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल प्रबंधन के पास बाईस ऐसी आशा कर्यकर्ताओं के नाम आए हैं, जिनका हमेशा जिला अस्पताल में डेरा रहता है। इन आशाओं पर आरोप है कि वे निजी मेडिकल संचालकों के साथ मिलकर हितग्राही महिलाओं को समय से पहले डिस्चार्ज कराने के खेल में शामिल हैं। इस खेल में शामिल आशाओं की शिकायत सिविल सर्जन से की गई है। अब देखना यह है कि कमीशन के खेल में शामिल ऐसी आशाओं के खिलाफ क्या कार्यवाही होती है। जिला अस्पताल में इस समय आशाओं ने डेरा जमा रखा है। इनके द्वारा हितग्राहियों को समय से पहले ही डिस्चार्ज करवा कर मेडिकल दुकानों से कमीशन के नाम पर दवाईयां खरीदवाने का खेल चल रहा है।
ऐसा ही मामला मंगलवार को सामने आया जिसमें सोहावल ब्लाक अन्तर्गत गुलुवा गांव की आशा शिवानी डोहर द्वारा महिला मरीज को समय से पहले व गांव में पदस्थ आशा कार्यकर्ता के आने से पहले ही डिस्चार्ज करवा दिया गया था। इसकी शिकायत मरीज के पिपरी टोला गांव में पदस्थ आशा माधुरी त्रिपाठी द्वारा सिविल सर्जन से की गई। शिकायतकर्ता द्वारा जिला अस्पताल में घूम रही ऐसी ही 22 दलाल आशाओं के नाम भी सार्वजनिक किए गए हैं। देखना यह बाकी है कि सिविल सर्जन द्वारा इस मामले पर क्या एक्शन लिया जाता है।
क्या है मामला
बताया गया कि ब्लाक मझगवां अन्तर्गत पिपरी टोला की हितग्राही को जिला चिकित्सालय में 14 फरवरी को भर्ती किया गया, गायनी विभाग के चिकित्सकों द्वारा मरीज की सिजेरियन डिलेवरी कराई गई। मरीज को 17 फरवरी को डिस्चार्ज करने की बात कही गई थी लेकिन गांव की पदस्थ आशा के आने के पूर्व ही दलाल आशा द्वारा मरीज हितग्राही की छुट्टी करा दी गई, मरीज का डिस्चार्ज टिकट भी नहीं बनवाया गया। यहां तक कि मरीज को निजी मेडिकल दुकान से 3500 रुपए की दवा खरीदने के लिए भी मजबूर किया गया। बात जब घर पहुंचने की की गई तो एम्बूलेंस दलाल को 700 रुपए भी मरीज से दिलवाए गए। यह सब कार्य पदस्थ आशा के पहुंचने के पहले ही किए गए ताकि गांव की पदस्थ आशा को इसकी भनक भी न लगे।
आशा द्वारा शिकायत आई थी जिसकी सूचना सीएमएचओ कार्यालय एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक को दे दी गई है।
डा. धीरेन्द्र वर्मा, सहायक प्रबंधक जिला अस्पताल