सतना जिले में 19 अक्टूबर को प्रसूता की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चिकित्सकों ने प्रसूता की प्रसव पूर्व जांच में गंभीर लापरवाही की और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को रिपोर्ट से दबाया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद महिला को उचित उपचार नहीं मिला, जिससे प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई। सीएमएचओ ने मामले में जिम्मेदार चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

सतना, स्टार समाचार वेब
विगत 19 अक्टूबर को रामपुर बघेलान से रेफर आई प्रसूता की मौत पर जिला अस्पताल में परिजनों के हंगामा किये जाने के बाद सीएमएचओ ने जांच टीम गठित की थी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय आरख द्वारा सीएमएचओ को सौंपी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि उस दिन मौजूद चिकित्सकों द्वारा प्रसुता की जांच रिपोर्ट में कई तथ्यों को छुपाया गया वहीं गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व जांच में लापरवाही बरती गई। बताया गया कि 19 अक्टूबर को प्रसूता की मौत के बाद दूसरे दिन एसएनसीयू में भर्ती बच्चे की भी मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार प्रसूता वर्षा पति सूरज कोल को 19 अक्टूबर को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के रूप में सीएचसी रामपुर बघेलान से सुबह10 बजे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। प्रसूता 11.59 बजे जिला चिकित्सालय पहुंची तथा 12.34 बजे लेबर रूम में भर्ती की गई। भर्ती के 11 मिनट बाद प्री-मैच्योर नॉर्मल डिलीवरी हुई, जिसमें 1.9 किलोग्राम वजन का पुरुष शिशु जन्मा जिसे एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया। प्रसूता को 12.55 बजे एचडीयू यूनिट में शिफ्ट किया गया, जहां उपचार के दौरान लगभग 3 घंटे बाद उसकी मृत्यु हो गई तथा दूसरे दिन शिशु की भी एसएनसीयू में उपचार दौरान हो गई। बताया गया कि 24 अक्टूबर को सिविल सर्जन को सूचित करते हुए उपरोक्त प्रसूता के प्रकरण की प्रारंभिक समीक्षा की गई। संबंधित केस शीट, जांच एवं उपचार अभिलेखों, मैटरनिटी विंग इंचार्ज डॉ. मंजू सिंह, ड्यूटी डॉक्टर एवं स्टाफ नर्सों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बनाया गया।
रामपुर सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक गफलत
बताया गया कि प्रसूता को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी चिन्हित कर रेफर किया गया, किन्तु महिला का एएनसी सेवाओं, जांच एवं उपचार विवरण पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रसूता में गंभीर एनीमिया की समय पर पहचान एवं प्रबंधन बीएमओ सीएचसी रामपुर टीम द्वारा नहीं किया गया। जिला अस्पताल में भी प्रसूता की समय पर जांच वा बीटी नहीं किया गया। प्रसूता का सीवियर एनीमिया का समय चिन्हांकन एवं प्रबंधन न होना गंभीर लापरवाही प्रमाणित करता है। एचडीयू में उपचार क्रम एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन समय में विसंगतियां पाई गई । इसके अलावा एचडीयू यूनिट में ब्लड बैंक और पैथोलॉजी लैब में कमियां मिली। इसके अलावा प्रसूता को जिला अस्पताल से रेफरल दौरान आॅक्सीजन ट्यूब अलग करने पर प्रसूता की मृत्यु होना के संबंध में सिविल सर्जन व टीम द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं की गई ।
सामने आई कई कमियां
प्रसूता की ब्लीडिंग,एलएमपी एवं ईडीडी अंकित नहीं किया गया । प्रसूता में गंभीर एनीमिया (एचबी 4.6 ग्राम) की पहचान एवं उपचार प्रबंधन समय पर नहीं किया गया। बीपी को ओवरराइटिंग किया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी बताकर 2 यूनिट रक्त की व्यवस्था हेतु निर्देश दिया गया। इसके अलावा प्रसूता की मृत्यु 19 अक्टूबर को दोपहर 3:50 बजे पर एचडीयू यूनिट में उपचार के दौरान हुई वहीं प्री मैच्योर बेबी की भी मृत्यु 20 अक्टूबर को एसएनसीयू में उपचार दौरान हुई जिसकी सूचना सिविल सर्जन, सीएमएचओ, जिला स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल नहीं दी गई।
ये दिए निर्देश


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के दमोह में 3 साल के बच्चे अनिरुद्ध की हत्या कर शव भूसे में फेंक दिया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और एफएसएल टीम जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे बंगाल में सुशासन और विकास के नवयुग का प्रारंभ बताया।
भोपाल के ऐशबाग में सार्वजनिक शौचालय को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच विवाद गहराया। निगम ने रेलवे को बाउंड्री वॉल हटाने का नोटिस देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है
मऊगंज जिले के बहुती गांव में अकेली रह रही महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंसा गया। घर का सामान बिखरा मिला है, जिससे पुलिस चोरी और संपत्ति विवाद दोनों एंगल से जांच कर रही है।
मैहर सिविल अस्पताल में घायल महिला को रीवा रेफर करने के बावजूद चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। एक वाहन में डीजल खत्म था तो दूसरे में ऑक्सीजन नहीं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 सेवा की लापरवाही उजागर हुई।
मुकुंदपुर रेंज के गोरा गांव में अवैध तेंदूपत्ता तोड़ाई की शिकायत पर वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने छापा मारा। मौके पर लोगों को चेतावनी देकर वन अपराधों के खिलाफ विशेष निगरानी अभियान और सख्ती जारी रखने की बात कही गई।
सोनौरा मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण की धीमी प्रगति पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने नाराजगी जताई। 15 दिनों में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर 25 करोड़ के टेंडर को निरस्त कर एजेंसी टर्मिनेट करने की चेतावनी दी गई।
265 करोड़ के सतना स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की रफ्तार बेहद धीमी है। 24 माह में पूरा होने वाले काम का 20 माह बाद भी आधा हिस्सा अधूरा है, जिससे पीएम गति शक्ति यूनिट और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली सवालों में घिर गई।
आरटीआई जवाब में स्पष्ट हुआ कि सार्थक ऐप के नियम नियमित कर्मचारियों तक सीमित हैं। बावजूद इसके एनएचएम संविदाकर्मियों पर ऐप अटेंडेंस का दबाव बना हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली, मानदेय विवाद और प्रशासनिक सख्ती पर बहस तेज हो गई।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 17 साल की लापता किशोरी का कंकाल मिलने का सनसनी फैल गई। दावा किया जा रहा है कि सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र में मिले कंकाल के अवशेष लापता नंदनी कुशवाह के हैं। जो डेढ़ महीने से लापता थी। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।