सतना के उचेहरा वन क्षेत्र में अवैध फंदे में फंसा तेंदुआ, मुकुंदपुर जू टीम ने सफल रेस्क्यू कर बचाई जान।
By: Yogesh Patel
Feb 15, 20262:52 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के उचेहरा वन परिक्षेत्र के कुशला बीट क्षेत्र में शनिवार को एक तेंदुआ अवैध रूप से लगाए गए तार के फंदे में फंस गया। बताया गया कि किसी व्यक्ति ने जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से खेत के पास क्लच वायर का फंदा लगाया था, जिसमें तेंदुआ उलझ गया। फंदा उसके पेट के हिस्से में कस गया था, जिससे वह काफी देर तक छूटने की कोशिश करता रहा, लेकिन बाहर नहीं निकल सका।
इस संबंध मं मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को वन विभाग की गश्ती टीम जब नियमित भ्रमण पर थी, तभी बोदाहार बीट कुशला के जंगल की सीमा से लगे बाड़े के पास तेंदुए की हलचल दिखाई दी। पास जाकर देखने पर वह तार के फंदे में बुरी तरह फंसा मिला। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर सुरक्षा घेरा बनाकर रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई।
डॉग स्क्वाड की मदद से आरोपी तक पहुंची टीम
घटना के बाद वन विभाग ने जांच तेज की और डॉग स्क्वाड की सहायता ली। घटना स्थल से मिले तार के आधार पर ट्रैकिंग करते हुए टीम आरोपी विनोद रावत के घर तक पहुंची। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वाइल्ड ट्रैप 2.0 अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जंगल और आसपास लगाए गए अवैध फंदों को हटाना और शिकार पर रोक लगाना है। इस घटना के बाद विभाग ने पुन: सघन गश्त और फंदा खोज अभियान तेज करने की बात कही है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका
पूरे रेस्क्यू और जांच अभियान की कार्रवाई डीएफओ मयंक चांदीवाल के निर्देशन में की गई। एसडीओ अभिषेक तिवारी, आरएफओ सचिन नामदेव, परिक्षेत्र सहायक बृजमोहन रावत सहित भारत सिंह नगर, इंदल सिंह श्याम, महेश प्रजापति, ध्रुव धाकड़, दीपक सिंह, शंकर यादव और शहादत हुसैन आदि अधिकारी-कर्मचारी अभियान में शामिल रहे।
मुकुंदपुर जू की टीम ने किया सफल रेस्क्यू
शाम को मुकुंदपुर जू से विशेषज्ञ रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा। वन्य चिकित्सक ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश करने का प्रयास किया। दो बार कोशिश असफल रही, लेकिन तीसरी बार में तेंदुआ शांत हो गया। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक तार काटकर उसे फंदे से मुक्त किया। करीब दो घंटे चले अभियान के बाद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ सामान्य पाया गया और उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।