सतना कृषि उपज मंडी में पार्ट पेमेंट पर अनाज बाहर जाने का मामला, भुगतान देरी और मंडी व्यवस्था पर उठे सवाल।
By: Yogesh Patel
Feb 18, 20264:02 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
कृषि उपज मंडी में विवाद की स्थिति बन गई। दोपहर बाद हुए इस ड्रामे में मंडी की व्यवस्था पर भी सवाल खडेÞ कर दिए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर क्रेता-विक्रेता को मनाने की प्रयास चलते रहे। कहा जा रहा है कि बात बन गई है। जानकारी के मुताबिक रीवा जिला के जवा निवासी विक्रेता (किसान) अनिल गुप्ता का बेटा (जिसका नाम सामने नहीं सका) मंगलवार को मंडी पहुंचा। इसने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर रखी थी जिसे लेकर मंडी प्रशासन ने मान-मनौव्वल के लिए यहां बुलाया था। इस पर क्रेता-विक्रेता के बीच समझाइश का दौर चलता रहा। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच बात बन गई है। असल में मामला यह था कि विक्रेता अनिल ने 20 जनवरी 2026 को अपना अनाज बेचा था जिसकी कुल राशि 1.18 लाख रुपए की आसपास थी। खरीदी के दिन क्रेता परमात्मा टेÑडर्स के शिव प्रसाद जैसवाल ने इसका करीब 75 हजार रुपए तत्काल भुगतान कर दिया था। इसके बाद से क्रेता भुगतान नहीं कर रहा था जिसे लेकर विक्रेता ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर दी थी। इस पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि पार्ट पेमेंट के बाद मंडी गेट से बाहर क्रेता अनाज ले जाने में कैसे सफल रहा? जबकि मंडी अधिनियम में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि फुल पेमेंट के बाद ही अनाज व्यापारी मंडी गेट से बाहर ले जाएगा। यही स्योरिटी किसानों को मंडी में अपनी उपज बेचने के लिए आकर्षित करती है। सवाल यह भी है कि पार्ट पेमेंट के बाद मंडी गेट से बाहर गए अनाज पर मंडी प्रशासन क्या कार्रवाई करता है?
हर दिन 1 फीसदी ब्याज
क्रेता व्यापारी द्वारा पार्ट पेमेंट करने के कारण उपजे विवाद ने मंडी की कार्यव्यवस्था को कटघरे में ला खड़ा किया है। जानकारी के मुताबिक क्रेता-विक्रेता के विवाद में एक बात यह है कि शेष राशि 43 हजार रुपए का भुगतान करीब 29 दिन लेट है। इसके लिए मंडी अधिनियम में साफ है कि 5 दिन के अंदर भुगतान करना आवश्यक है। और छठवें दिन से 1 फीसदी ब्याज के रूप में हर दिन की अदा करनी होगी। इस कारण विक्रेता गुप्ता का भुगतान 29 दिन लेट है ऐसे में हर दिन का 1 फीसदी बतौर ब्याज चुकानी होगी। यही विवाद की असल जड़ बताई जा रही हैं। हालांकि मंडी प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि ब्याज सहित भुगतान कर दिया गया है।
क्या लाइसेंस होगा रद्द
क्रेता द्वारा विक्रेता का भुगतान लेट करने पर मंडी अधिनियमों की धाराओं के आधार पर क्रेता का लाइसेंस स्वत: रद्द हो जाता है। इस बात को लेकर मंडी के अंदर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल ये है कि क्रेता व्यापारी का लाइसेंस स्वत: रद्द हो गया या फिर इसके कागज में भी उतारा जाएगा। हालांकि मंडी की ओर से आश्वस्त किया गया है कि क्रेता परमात्मा टेÑडर्स पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिली थी जिस पर ब्याज सहित भुगतान करा दिया गया है। शेष जो भी होगा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करुणेश तिवारी, सचिव, कृषि उपज मंडी