इंदौर में दूषित पानी से मौतों के बाद सतना नगर निगम सतर्क हुआ। महापौर के निर्देश पर फिल्टर प्लांट, केमिकल शुद्धता, टंकियों की सफाई और पेयजल सप्लाई की थर्ड पार्टी जांच के आदेश दिए गए।
By: Yogesh Patel
Jan 05, 20267:36 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत के बाद नगर निगम सतना हरकत में आ गया है। नगर निगम पानी साफ करने वाले उपयोग में आने वाले रसायनों की शुद्धता की जांच कराएगा। जांच कराने के निर्देश रविवार को महापौर योगेश ताम्रकार ने दिए। बताया जाता है कि नगर निगम सतना फिल्टर प्लांट में पानी साफ करने के लिए एलम (फिटकरी) का उपयोग करता है जबकि पानी के बैक्टीरिया को मारने के लिए क्लोरीन और ब्लीचिंग का उपयोग किया जाता है। इन सब रसायनों की शुद्धता की जांच थर्ड पार्टी से कराई जानी है। गौरतलब है कि रविवार को महापौर योगेश ताम्रकार अपने एमआईसी सदस्यों और तकनीकी अमले के साथ फिल्टर प्लांट पहुंचे जहां उन्होंने एनीकेट से आने वाले पानी और फिल्टर प्लांट से टंकियों में सप्लाई होने वाले पानी की व्यवस्था देखी। लगभग दो घंटे तक फिल्टर प्लांट में लैब की जांच प्रक्रिया देखी, पानी का अपने सामने टेस्ट कराया, स्काडा से पानी टंकियों में कैसे जाता है यह देखा।
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... और मेयर व जल प्रभारी ने पानी पीकर देखा
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद सतना में नगर निगम की पेयजल सप्लाई से आने वाले पानी को लेकर पिछले कुछ दिनों से शहरवासियों में अविश्वास का भाव देखने को मिल रहा था। शहर की लगभग 3 लाख की आबादी में निगम के सप्लाई वाले पानी के प्रति लोगों के विश्वास को और प्रगाढ़ करने के लिए महापौर योगेश ताम्रकार एवं मेयर -इन -काउंसिल में जलकर प्रभारी आदित्य यादव ने निरीक्षण के दौरान नगर निगम के फिल्टर प्लांट का पानी पीकर देखा।
कैसे पानी होता है साफ
इस दौरान महापौर ने नगर निगम के तकनीकी अमले से जाना कि फिल्टर प्लांट में पानी कैसे साफ होता है, जब उन्हें पानी साफ करने की सारी प्रक्रिया बताई गई तो उन्होंने पानी साफ करने के उपयोग में आने वाले ‘एलम’ (फिटकरी) की जांच बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री, एकेएस या वाटर सप्लाई करने वाले प्लांटों से कराने के निर्देश दिए। महापौर ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें बरती गई लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने वाटर सप्लाई से जुडेÞ अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे सभी अपने -अपने कर्त्तव्य का पालन निष्ठा के साथ करें। और इस बात की सतत मॉनीटरिंग करें कि कहीं भी गंदे पानी की सप्लाई न हो, कहीं भी लीकेज की शिकायत आए उसे 24 घंटे के अंदर दुरुस्त किया जाए।
निजी हाथों में सप्लाई निगम कर रहा मॉनीटरिंग
बताया जाता है कि नगर निगम की पेयजल सप्लाई इन दिनों निजी हाथों (कृष्णा कांस्ट्रेक्शन कम्पनी) में है। जबकि पेयजल की सप्लाई के सुपरवीजन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। नगर निगम पेयजल सप्लाई के पानी की टेस्टिंग भी समय- समय पर कराता है। सुपरवीजन के लिए निगम द्वारा बकायदा इंजीनियर हिमांशु ताम्रकार की ड्यूटी लगाई गई है।
जोनल कार्यालय के बाहर सार्वजनिक हों जिम्मेदारों के नम्बर
इस दौरान महापौर योगेश ताम्रकार ने तकनीकी अमले को निर्देशित किया कि पेयजल से जुड़े तमाम जिम्मेदार अधिकारी- कर्मचारियों के नाम और नम्बर जोनल कार्यालय बाहर लिखे जाएं। मेयर ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे निगम के कर्मचारियों का सहयोग करें और जहां कहीं भी जल पाईप से लीकेज और पाईपलाईन टूटी मिले तुरंत जानकारी दें।
पानी की टंकियां साफ कराने के निर्देश
महापौर के मुताबिक इस समय तो शहर में गंदे पानी की सप्लाई जैसी कोई समस्या नहीं है। आगे भी ऐसी कोई समस्या न आए इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश देते हुए मेयर ने जिन पानी की टंकियों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है उनकी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
फिलहाल शहर में गंदे पानी की सप्लाई जैसी कोई समस्या नहीं है, निरीक्षण में पेयजल साफ करने वाले केमिकल की तरीके से टेस्टिंग नहीं हो रही है इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि केमिकल की गड़बड़ी की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। जोनल कार्यालय के बाहर अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक करने के साथ ही पानी की टंकियां साफ कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योगेश ताम्रकार, महापौर
शहर में वर्तमान समय में पानी की शुद्धता को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, बीच-बीच में पाइप लाइन टूट जाती है इस वजह से कभी -कभार दिक्कतें सामने आती हैं। सीवर लाइन की वजह से भविष्य में संभावित दिक्कत को देखते हुए अभी से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। फिल्टर प्लांट में पानी साफ करने में उपयोग किए जाने वाले फिटकरी की गुणवत्ता की जांच के निर्देश महापौर द्वारा दिए गए हैं।
आदित्य यादव, जलकर प्रभारी
ये रहे मौजूद
लगभग दो घंटे तक फिल्टर प्लांट, लैब व पेयजल सप्लाई व्यवस्थाओं के महापौर योगेश ताम्रकार के निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य गोपी गेलानी, जल विभाग के सदस्य आदित्य यादव, अभिषेक तिवारी अंशु, पी.के जैन, डिप्टी कमिश्नर सत्यम मिश्रा, जल संयंत्र प्रभारी रोजल सिंह, उपयंत्री विद्यानिवास बागरी, उपयंत्री हिमांशु ताम्रकार एवं जल शोधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी -कर्मचारी मौजूद रहे।