सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की अव्यवस्था से भीषण जाम लग गया। एम्बुलेंस तक फंसी रही। नो-पार्किंग, प्री-पेड बूथ और पुलिस तैनाती की कमी से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
By: Yogesh Patel
Jan 06, 20268:14 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
फोटो देख कर आप सोच रहे होंगे कि यह रेलवे स्टेशन की पार्किंग की तस्वीर होगी तो आप बिल्कुल गलत हैं, यह तस्वीर पार्किंग की नहीं बल्कि रेलवे स्टेशन में सोमवार को लगे जाम की है जिसने लगभग पौन घंटे तक आवागमन पूरी तरह से रोक दिया। हालात तो ये रहे कि इस जाम में एक एम्बुलेस भी बड़ी देर तक फंसी रही। विंध्य के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले सतना स्टेशन का जाम यात्रियों की राह दुश्वार कर रहा है। रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी हैं कि इस ओर ध्यान नहीं देते। सोमवार को स्टेशन के पूर्वी दिशा की तरफ ऑटो चालकों की मनमानी से लंबा जाम लग गया था। काफी देर तक यात्री तो परेशान हुए ही, राहगीर भी इसमें फस गए। इतना ही नहीं एक गंभीर मरीज को जिला अस्पताल लेकर जा रही एम्बुलेंस भी जाम में फसी रही। स्टेशन के बाहर ऑटो-रिक्शा की मनमानी एवं नो-पर्किंग जोन में वाहनों के खड़ा होने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। ऑटो-रिक्शा के खिलाफ कभी-कभार कार्रवाई की जाती है लेकिन उसके बाद फिर स्थिति अराजक हो जाती है। सबसे ज्याद ऑटो चालकों की मनमानी सबसे ज्याद इंटरसिटी, शटल, आंनद विहार एवं रेवांचल एक्सप्रेस के समय देखने को मिलती है।
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जिला अस्पताल में भी जाम में फंसी एम्बुलेंस
स्टेशन के झाम से छूटते ही एम्बुलेंस जिला अस्पताल के जाम में फंस गई। जिला अस्पताल के गेट से मुख्य द्वार तक पहुंचने में एम्बुलेंस को आधा घंटा लग गया। आधे घंटे तक एम्बुलेंस मरीज को लिए हुए रेंगती नजर आई। यह कोई नई स्थिति नहीं है। रोजाना निरीक्षण में पहुंचे अधिकारियों द्वारा अवैध पार्किंग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन पार्किंग कर्मी केवल अवैध वसूली करने में लगे रहते हैं। जिला अस्पताल में एम्बुलेंस खड़े करने की जगह ही नहीं है। जिला अस्पताल के गेट के सामने एम्बुलेंस की जगह यहां के चिकित्सकों की चार पहिया गाड़ियां खड़ी नजर आती हैं। मजबूरन एम्बुलेंस में बैठे मरीज के परिजनों को गाड़ी निकालने एवं खड़ी करने की व्यवस्था तक करनी पड़ती है।

कब सुधरेंगे ये हालात
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इस तरह यात्री होते हैं परेशान
जाम के कारण यात्रियों को फाउंटन के पास आवागमन परेशानी भरा रहता है। वहीं सेकेंड इंड्री गेट के बाद भी ऑटो चालकों की मनमानी से मुसाफिर परेशान रहते हैं। स्टेशन के बाहर धमाचौकड़ी मचाने वाले ऑटो-रिक्शा चालकों के खिलाफ कारवाई तभी की जाती है जब कोई रेलवे अधिकारी स्टेशन के निरीक्षण के लिए आते हैं।
माघ मेला में नहीं बनी गुमटी
उल्लेखनीय है कि माघ मेला शुरू हो गया है लेकिन अभी स्टेशन के बाहर पार्किंग स्थल में रेल पुलिस की तैनाती नहीं की गई। जबकि माघ मेला में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं व यात्रियों के स्टेशन से आवागमन की उम्मीद रेलवे ने लगाई है। बताया गया कि महाकुंभ के दौरान पार्किंग स्थल में एक आरपीएफ एवं जीआरपी के लिए एक गुमटी बनाई गई थी।