मध्य प्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) एस.एल. बाथम और उनके ड्राइवर को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। जल जीवन मिशन के ₹2.16 करोड़ के काम में माँगा था 3.5% कमीशन
By: Ajay Tiwari
Jan 07, 20267:03 PM
सागर | स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। बुधवार को लोकायुक्त की टीम ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कार्यालय में दबिश देकर कार्यपालन यंत्री (EE) एस.एल. बाथम और उनके निजी वाहन चालक फूल सिंह को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'जल जीवन मिशन' के तहत चल रहे कार्यों में कमीशनखोरी को लेकर की गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार निवासी ठेकेदार शैलेष कुमार ने लोकायुक्त एसपी से शिकायत दर्ज कराई। शैलेष को सागर जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 2 करोड़ 16 लाख रुपये के अधूरे कार्यों को पूरा करने का अनुबंध मिला था। आरोप है कि कार्यपालन यंत्री एस.एल. बाथम ने इस टेंडर के एवज में 3.5 प्रतिशत कमीशन (घूस) की मांग की थी।
काफी जद्दोजहद और मान-मनौव्वल के बाद भ्रष्टाचार का यह सौदा 6 लाख रुपये में तय हुआ। ठेकेदार ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय कानून की मदद लेना उचित समझा और लोकायुक्त को साक्ष्य सौंप दिए।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। बुधवार को जैसे ही ठेकेदार शैलेष कुमार रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1.50 लाख रुपये लेकर ईई कार्यालय पहुँचे, वहाँ का दृश्य चौंकाने वाला था। ईई बाथम ने सतर्कता बरतते हुए खुद पैसे हाथ में लेने के बजाय अपने ड्राइवर फूल सिंह को राशि थमाने का इशारा किया। जैसे ही ड्राइवर ने वह राशि अपने पास रखी, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने मौके पर दबिश दी। रसायनों (केमिकल) से हाथ धुलवाए जाने पर रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह ने बताया कि कार्यपालन यंत्री और उनके ड्राइवर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही सागर कलेक्ट्रेट और पीएचई विभाग के गलियारों में सन्नाटा पसर गया। वर्तमान में लोकायुक्त की टीम कार्यालय के पुराने बिलों, टेंडरों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। विभाग में चर्चा है कि यह महज एक मामला है, जबकि कई अन्य ठेकेदार भी इसी तरह की अवैध वसूली का शिकार हो रहे थे।
प्रधानमंत्री की फ्लैगशिप योजना 'जल जीवन मिशन' जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पानी पहुँचाना है, उसमें इस स्तर के अधिकारी का रिश्वत लेते पकड़ा जाना सिस्टम की सड़न को उजागर करता है। सागर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि बिना 'कमीशन' के सरकारी योजनाओं के पहिए घूमना आज भी एक बड़ी चुनौती है।