सतना शहर में सर्किट हाउस चौक, भरहुत मोड़, सेमरिया चौक और बिरला रोड जैसी मुख्य सड़कों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण से यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। सुबह से रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है, जबकि पुलिस और प्रशासन इस समस्या पर गंभीर नहीं दिखते। विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स भी इस मुद्दे पर चुप है, जिससे शहरवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
By: Yogesh Patel
Aug 31, 20259:30 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
एक ओर शहर को स्मार्ट लुक देने की कवायदें की जा रही हैं तो दूसरी ओर शहर की सड़कें व गलियां दुकानें बनती जा रही हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि सड़क पर चलने वाले कारोबार को लेकर जिम्मेदारों ने आंखें मूंद ली है, जिसका खामियाजा उन राहगीरों व वाहन चालकों को भोगना पड़ता है जो इन सड़कों से गुजरते हैं। बीते दिनों सर्किट हाउस चौक की ऐसी ही लचर यातायात व्यवस्था ने डा. आरएन सोनी की जान ले ली जिसकों लेकिर शहर के वरिष्ठ चिकित्सक व आईएमए भी नाराजगी जाहिर कर चुका है।
अतिक्रमण से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था की सेहत
शहर की सड़कों को अतिक्रमित कर दुकान चलाने की कोशिशों ने शहर के विभिन्न चौराहों व गलियों की यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। यहां की चौड़ी सड़कों व फुटपाथों पर फल विक्रेता, सब्जी विक्रेता , ठेले-खोमचे, वाहन मेकैनिक समेत विभिन्न कारोबारियों का कब्जा है। दिन निकलते ही ये अस्थायी दुकानें सड़कों पर सज जाती हैं, जिसका असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। खासकर सर्किट हाउस चौक से निकलने वाली गलियों के हाल बेहाल हैं। सर्किट हाउस चौक से विंध्य चेंबर एंड कामर्स कार्यालय वाली गली में तो आधी सड़क तक पसरी दुकानें पैदल चलना भी दूभर कर देती हैं। इस गली में मोटर पार्ट्स व व्हीकल एक्सेसरीज की कई दुकाने हैं जिनके संचालकों ने अपना तामझाम सड़क तक फैला रखा है। इनके द्वारा सामान तो दुकान से बेचा जाता है लेकिन मरम्मत सड़क पर की जाती है। इस प्रकार से एक ओर वाहन की मरम्मत होती है तो दूसरी ओर ओवरब्रिज की तरफ इसी सड़क पर फुटपाथी दुकानदारों ने व्हीकल डेकोरशन व नेम प्लेट की दुकानें खोलकर यातायात को अराजक बना दिया है। हालंकि इन दिनों नाली निर्माण का काम होने के कारण मरम्मत का काम भी दूसरी तरफ होने लगा है। सुबह 9 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक इस सड़क का यातायात बेहद अराजक हो जाता है और हर आधे घंटे में जम लगने से राहगीरों को परेशानी होती है।
यहां की सड़कों पर कारोबार
सर्किट हाउस चौक के अलावा भरहुत मोड़, सेमरिया चौक व बिरला रोड की आधी सड़क पर दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है, जिसके चलते यातयात नियंत्रण के लिए बनाया गया फ्लाईओवर भी ट्रैफिक व्यवस्था के लिहाज से प्रासंगिक नहीं हो पाया। इसी प्रकार अस्पताल चौक, खेरमाई रोड, व अस्पताल चौक से कृष्णनगर की ओर जाने वाली सड़क ऐसी ही दुकानों के चलते गुजरना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा नागौद रोड में विराट नगर स्थित रिलायंस माल के पास पार्किंग न होने से भी सड़क में खड़े वाहन दुश्वारियां पैदा करते हैं।
पुलिस राजमार्ग तक सीमित, चेंबर को फिक्र नहीं
दिलचस्प बात यह है कि सर्किट हाउस से मुख्तयार गंज की ओर आने वाली सड़क में जाम व अतिक्रमण की समस्या को लेकर व्यपारियों की प्रतिनिधि संस्था विंध्य चेंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी भी चुप हैं जबकि वे भी इसी सड़क मार्ग की बाधाओं को लांघकर कार्यालय पहुंचते हैं। हैरानी है कि जन सरोकार के विषयों को उठाने की पहचान रखने वाले विंध्य चेंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी शहर की विभिन्न सड़कों पर पसरे अस्थायी अतिक्रमण को लेकर क्यों चुप हैं, यह रहस्य का ही विषय है। उधर यातायात पुलिस भी ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बाधक बन रही अतिक्रमित दुकानों को लेकर संजीदा नही है। यदि ऐसा होता तो पुलिस स्वयं यातायात व्यवस्था को बेपटरी करने वाली दुकानों को हटाने की पहल करती और संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर कार्रवाई करती। पुलिस केवल राजमार्गों में चालानी कार्रवाई तक ही सिमटकर रह गई है।
सड़क के किनारे दुकानदारी करने वाले बीच सड़क तक दुकान फैला देते हैं जिससे राहगीरों को भारी दिक्कत होती है। प्रशासन इस पर ध्यान दे तभी यातायात सुधरेगा।
सौरभ सोनी, दवा विक्रेता
सड़कों के अतिक्रमण ने पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को चौपट कर दिया है, हादसे हो रहे हैं लेकिन इन पर अंकुश लगाने के प्रति प्रशासन संजीदा नहीं है इससे लोगों की तकलीफ बढ़ गई है।
शुभम द्विवेदी, व्यवसायी
दुकान में सामान रखकर सड़क पर दुकानदारी करना शहरवासियों को महंगा पड़ रहा है, हर गली की सड़क अतिक्रमित है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बंटी मिश्रा, व्यवसायी