रीवा-प्रयागराज मार्ग स्थित सोहागी झिरिया टोल प्लाजा पर अवैध वसूली और कर्मचारियों की दबंगई के खिलाफ ट्रक चालकों ने जमकर हंगामा किया। देर रात सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। ट्रक ड्राइवरों का आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा 300–500 रुपये जबरन वसूले जाते हैं और इंकार करने वालों को परेशान किया जाता है। नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, फिर भी प्रशासन और परिवहन विभाग खामोश हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
रीवा-प्रयागराज मार्ग पर स्थित सोहागी झिरिया टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। बीती रात लगभग 2 बजे कई ट्रक चालकों ने अवैध वसूली और कर्मचारियों की दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़क पर वाहन खड़ा कर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा को शांत कराते हुये यातायात को बहाल कराया।
ट्रक ड्राइवर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टोल कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है। यहां पर अंडरलोड (कम वजन) वाहन को भी जानबूझकर ओवरलोड बताकर रोका जाता है और चालकों से 300 से 500 रुपये तक की जबरन वसूली की जाती है। जो चालक पैसे दे देता है, उसका वाहन तुरंत छोड़ दिया जाता है, जबकि इंकार करने वालों के मोबाइल और वाहन के कागजात तक रख लिए जाते हैं और काटा कराने की धमकी दी जाती है। ट्रक ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि यह धंधा लंबे समय से लगातार चल रहा है। आए दिन टोल प्लाजा पर छोटे-बड़े विवाद होते रहते हैं। प्रशासन और परिवहन विभाग की चुप्पी ने कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। चालकों का कहना है कि टोल का असली उद्देश्य सरकार के राजस्व की वसूली है, लेकिन यहां व्यक्तिगत
स्वार्थ साधे जा रहे हैं।
जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
जनता और ट्रक चालकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से सीधा सवाल किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से झिरिया टोल प्लाजा पर चल रही अवैध वसूली और तानाशाही पर आज तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। चालकों ने विरोध किया तो उनके खिलाफ ही एक्शन लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जिससे जाहिर है कि जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में यहां पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है।
नियमों की खुलेआम धज्जियां
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जारी नियमों के अनुसार किसी भी वाहन को टोल बूथ पर 10 सेकंड से अधिक रोका नहीं जा सकता। यदि ऐसा होता है तो वाहन को बिना शुल्क दिए आगे बढ़ने की अनुमति है। इसके अलावा कतार कभी भी 100 मीटर से लंबी नहीं होनी चाहिए। लेकिन झिरिया टोल प्लाजा पर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां वाहनों को मिनटों नहीं बल्कि घंटों तक रोककर खड़ा कर दिया जाता है, जिससे एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों तक को बाधा का सामना करना पड़ता है।

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