सुपरस्टार विजय की फिल्म 'जना नायगन' के सेंसर सर्टिफिकेट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया। कोर्ट ने निर्माताओं को मद्रास हाईकोर्ट भेजा। जानें क्या है पूरा विवाद।
By: Ajay Tiwari
Jan 15, 202612:19 PM
दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और राजनेता विजय (Thalapathy Vijay) की आगामी फिल्म 'जना नायगन' कानूनी अड़चनों में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के सेंसर बोर्ड (CBFC) सर्टिफिकेशन मामले में दखल देने से इनकार करते हुए निर्माताओं को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए याचिकाकर्ताओं को वापस हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है।
फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर तत्काल सुनवाई की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस याचिका पर सीधे सुनवाई नहीं करना चाहता। अदालत ने याचिकाकर्ता को मद्रास हाईकोर्ट जाने की सलाह दी और साथ ही हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह इस संवेदनशील मामले पर 20 जनवरी से पहले अपना अंतिम फैसला सुनाए।
विवाद की जड़ फिल्म को मिलने वाला सेंसर सर्टिफिकेट है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट की एकल पीठ ने फिल्म को 'UA' प्रमाणपत्र देने का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की ही दो जजों की खंडपीठ ने इस आदेश पर रोक लगा दी। इसी रोक के खिलाफ निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBFC (सेंसर बोर्ड) ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट (Caveat) दाखिल कर दी थी, ताकि बोर्ड का पक्ष सुने बिना कोई भी एकतरफा फैसला न लिया जाए।
सुपरस्टार विजय की राजनीतिक पारी और उनके बड़े प्रशंसक वर्ग के कारण 'जना नायगन' काफी चर्चा में है। अब सबकी निगाहें मद्रास हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जिसे 20 जनवरी तक यह तय करना होगा कि फिल्म को किस श्रेणी का सर्टिफिकेट दिया जाए। इस फैसले पर ही फिल्म की रिलीज और उसके भविष्य का दारोमदार निर्भर करेगा।