'द केरल स्टोरी 2' रिलीज से पहले ही विवादों में है। सेंसर बोर्ड ने रेप सीन और हिंसा समेत 17 बदलावों के सुझाव दिए हैं। केरल हाईकोर्ट में होगी स्पेशल स्क्रीनिंग।
By: Ajay Tiwari
Feb 24, 20265:08 PM
एंटरटेंमेंट डेस्क। स्टार समाचार वेब
फिल्म 'द केरल स्टोरी' की अपार सफलता के बाद अब इसका दूसरा भाग 'द केरल स्टोरी 2' रिलीज से पहले ही विवादों के भंवर में फंस गया है। जहाँ एक तरफ फिल्म के ट्रेलर को लेकर राजनीतिक गलियारों में उबाल है, वहीं दूसरी ओर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने के साथ ही 17 प्रमुख बदलावों के निर्देश दिए हैं।
फिल्म को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने फिल्म को 'झूठा प्रॉपेगैंडा' करार देते हुए कहा कि केरल धार्मिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था का मॉडल है, जिसे आतंकवाद का केंद्र दिखाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप जैसे दिग्गजों ने भी ट्रेलर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
फिल्म पर रोक लगाने की बढ़ती मांग को देखते हुए अब केरल हाईकोर्ट में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग के बाद कोर्ट यह तय करेगा कि फिल्म की सामग्री में कुछ आपत्तिजनक है या नहीं।
विवादों को कम करने के लिए सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई कैंची चलाई है-
डिस्क्लेमर: फिल्म की शुरुआत में यह स्पष्ट किया गया है कि कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है।
हिंसा में कटौती: महिलाओं के साथ मारपीट और सिर पर वार करने वाले दृश्यों को काफी कम किया गया है।
संवेदनशील दृश्य: रेप सीन और लिप-लॉक (चुंबन) के दृश्यों को मूल फिल्म के मुकाबले 50% तक कम कर दिया गया है।
बुलडोजर कार्रवाई: फिल्म में आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने वाले दृश्यों में बदलाव किए गए हैं।
डेटा और तथ्य: सांख्यिकीय डेटा दिखाने वाले टेक्स्ट का ड्यूरेशन बढ़ाया गया है और सच्ची घटना से जुड़े दस्तावेज़ बोर्ड को सौंपे गए हैं।
भाषा: कई विवादित शब्दों को म्यूट किया गया है और डायलॉग्स में बदलाव किए गए हैं।