यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भारत के साथ व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। जानें कैसे उनकी गोवा की जड़ें और OCI कार्ड भारत-EU संबंधों को नई मजबूती दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 के लिए मुख्य अतिथियों की घोषणा की। राज्यपाल भोपाल और सीएम मोहन यादव उज्जैन में करेंगे ध्वजारोहण। देखें पूरी सूची।
सतना और मैहर जिले में हमारे शिक्षक एप की ई-हाजिरी व्यवस्था तकनीकी खामियों से ठप रही। एरर 402, 502 और टाइम आउट की समस्या के कारण शिक्षक, अतिथि शिक्षक और प्राचार्य हाजिरी नहीं लगा सके। नेटवर्क तलाशते शिक्षक छतों और बाउंड्री तक चढ़े, लेकिन हजारों लोग उपस्थित होकर भी अनुपस्थित दर्ज हो गए।
अयोध्या ने आज एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज पवन के संग लहराया, पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा।
भारतीय नौसेना ने सोमवार को आईएनएस माहे का जलावतरण किया, जो माहे-क्लास की पहला पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जलयान है, जिससे इसकी लड़ाकू ताकत बढ़ने की उम्मीद है। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की तरफ से आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की है।
भगवान राम की नगरी अयोध्या में मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। आगामी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा ध्वज फहराएंगे।
संघ विजयादशमी पर अपना स्थापना दिवस मनाता है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. बलराम कृष्ण हेडगेवार ने इसकी शुरुआत की थी। इस बार भारत के सीजेआई बीआर गवई की मां डॉ. कमलताई गवई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समारोह में शामिल होंगी। पांच अक्टूबर को अमरावती में होने वाले समारोह में संघने कमलताई को मुख्य अतिथि बनाया है।
सतना जिले में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू कर दी है। अब चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, आउटसोर्स कर्मचारी और अतिथि शिक्षक सभी की उपस्थिति सार्थक ऐप और हमारे शिक्षक पोर्टल पर दर्ज होगी। जिले को 11 जोन में बांटकर रिपोर्टिंग ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। अक्टूबर से वेतन और मानदेय केवल डिजिटल उपस्थिति के आधार पर ही जारी किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में शिक्षक और अतिथि शिक्षक (गेस्ट टीचर्स) की ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई के पहले 15 दिन में पूरी तरह फेल हो गई है। इसी को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सख्त कदम उठाया है। अतिथि शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्त लहजे में कहा है कि यह व्यवस्था 18 जुलाई से प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू होगी।
सतना और मैहर जिलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का दूसरा चरण 5 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। वहीं नियमित शिक्षक डिजिटल हाजिरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों को भी अब 'हमारे शिक्षक' ऐप से ई-अटेंडेंस लगानी होगी।






















