भोपाल के सबसे व्यस्त कोलार क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा फेरबदल हुआ है। लंबे समय से लंबित कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को अब पूर्ण थाने का दर्जा मिल गया है। मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के साथ ही यह प्रभावी हो गया है, लेकिन इस नए थाने के गठन के साथ ही क्षेत्रफल के असंतुलन ने रहवासियों की टेंशन बढ़ गई है।
By: Arvind Mishra
Feb 14, 20261:17 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
भोपाल के सबसे व्यस्त कोलार क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा फेरबदल हुआ है। लंबे समय से लंबित कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को अब पूर्ण थाने का दर्जा मिल गया है। मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के साथ ही यह प्रभावी हो गया है, लेकिन इस नए थाने के गठन के साथ ही क्षेत्रफल के असंतुलन ने रहवासियों की टेंशन बढ़ गई है। जहां कोलार थाना क्षेत्र अब सिमट कर छोटा हो गया है। वहीं कजलीखेड़ा थाने के पास एक विशाल और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र आ गया है। सीमांकन को लेकर रहवासियों की परेशानियां बढ़ गई है।
असंतुलित सीमांकन ने बढ़ाई चिंता
भोपाल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कोलार रोड थाने पर बढ़ते अपराध और आबादी के दबाव को कम करने के लिए कजलीखेड़ा थाने को बना दिया है। आदेश के मुताबिक, कोलार थाने से करीब 40 गांव और मोहल्लों को काटकर कजलीखेड़ा में जोड़ा गया है।
अब बढ़ गई थाने की दूरी
नए थाने के बनने से यहां के रहने वालों की मुसीबत कम होने के बजाय बढ़ गई है। दरअसल, डी-मार्ट के आगे का पूरा इलाका अब कजलीखेड़ा थाने के अंदर आएगा। ऐसे में अगर किसी को पुलिस के पास जाना हो या रिपोर्ट लिखवानी हो, तो उन्हें अपने घर से काफी दूर नए थाने तक पहुंचना होगा।
कजलीखेड़ा को मिला 52 वर्ग किमी क्षेत्र
बंटवारे से पहले कोलार थाना 72 वर्ग किमी के विशाल क्षेत्र में फैला था, जिसकी सीमाएं सीहोर और रायसेन जिले तक लगती थीं। नए आदेश के बाद कजलीखेड़ा थाने को 52 वर्ग किमी का भारी-भरकम दायरा मिला है, जबकि कोलार थाना अब मात्र 20 वर्ग किमी के दायरे में सिमट गया है।