मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।

मुख्यमंत्री के साथ अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में निगम तथा मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियो का उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का समूह चित्र।
भोपाल में निगम-मंडल के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों को सीएम ने दी सीख
भोपाल बैठने से काम नहीं चलेगा, जनता के बीच भी जाना पड़ेगा
जन समस्या के काम में विभागीय और प्रभारी मंत्री करेंगे सहयोग
18 विभागों के अफसरों ने दिया प्रजेंटेशन और बताए अधिकार

मुख्यमंत्री ने निगम तथा मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियो के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्री का दर्जा प्राप्त कुल 63 नवनियुक्त गैर-सरकारी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्वयं उपस्थित होकर पदाधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र, शक्तियों की सीमाओं और सुशासन के लक्ष्यों पर मार्गदर्शन के साथ अहम सुझाव दिए और जिम्मेदारियों का एहसास कराया। सीएम ने पदाधिकारियों को बताया कि निगम-मंडल और प्राधिकरण सरकार की योजनाओं को तेजी से लागू करने में किस तरह भूमिका निभा सकते हैं। यही नहीं, सीएम ने यह भी कहा कि सिर्फ भोपाल में बैठने से काम नहीं चलेगा। जनता के बीच भी जाना पड़ेगा। उनकी समस्या सुननी पडेगी और समाधान भी करना पड़ेगा। इसके साथ ही जन संवाद का तरीका संवेदनशील होना चाहिए। कुर्सी का अहम और अकड़ नहीं दिखनी चाहिए। जनता ने हमें काम के लिए चुना है।

मुख्यमंत्री ने निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
मंत्रियों से तालमेल बना कर चलें
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार जनता की है। किसानों की है। जनकल्याण ही हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता से जुड़े काम में विभागीय और जिले के प्रभारी मंत्री भी पूरा सहयोग करेंगे। सबसे तालमेल बना कर चलना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि सरकार चुनावा के दौरान संकल्प पत्र 2023 में किए गए हर वादों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिवद्ध है।
काफिले का दिखावा नहीं करने की हिदायत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदाधिकारियों को समय की पाबंदी, अनुशासन और जनहित में तत्परता से कार्य करने का सख्त पाठ पढ़ाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि लेट-लतीफी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने पदाधिकारियों और नेताओं को अपने काफिले का दिखावा नहीं करने की भी सख्त हिदायत दी है। सीएम ने उदाहरण देते हुए कहा-अनुशासनहीनता या बड़ा काफिला दिखाने पर अधिकार तक छीने जाने की कार्रवाई की गई है।
मौजूद रहे 18 विभागों के पीएस-एसीएस
सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग के साथ-साथ 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव उपस्थित रहे। अफसरों ने पदाधिकारियों को निगम-मंडलों के कामकाज, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
वहीं प्रशिक्षण के दौरान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि अक्सर संगठनात्मक बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों का हिस्सा होती हैं। पार्टी नेतृत्व द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी दी गई है तो सरकार की नीतियों और योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। साथ ही पार्टी लाइन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी न करें।
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