मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में नव संवत्सर और विक्रम संवत् 2083 के अवसर पर ब्रह्म ध्वज स्थापित किया और सम्राट विक्रमादित्य को लोकतंत्र का महानायक बताया।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20264:32 PM
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं देते हुए सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास को याद किया। भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित 'विक्रमोत्सव-2026' के अंतर्गत 'कोटि सूर्य उपासना' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आज का दिन सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला है। उन्होंने इस अवसर पर ब्रह्म ध्वज की स्थापना की और समाज की एकजुटता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से विक्रम संवत् 2083 का प्रवेश हो रहा है, जो सम्राट विक्रमादित्य के पुरुषार्थ का प्रतीक है। उन्होंने रेखांकित किया कि विक्रमादित्य ने न केवल शकों को परास्त किया, बल्कि आततायियों का दमन कर प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को लोकतंत्र का महानायक बताते हुए कहा कि उनके सुशासन के प्रतिमान 2 हजार साल बाद भी उतने ही प्रासंगिक हैं। सरकार उनके शौर्य और न्याय के आदर्शों को आत्मसात कर समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात किया था। उनकी शासन शैली ने परवर्ती शासकों को जनकल्याण के लिए प्रेरित किया। डॉ. यादव के अनुसार, भारतीयों के रक्त में प्रवाहित लोकतंत्र के गुण विक्रमादित्य की ही देन हैं। उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि प्रदेश सरकार ने इसी दिशा में वीर विक्रमादित्य शोधपीठ और वैदिक घड़ी की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, ताकि युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ सके।
कार्यक्रम के दौरान रवीन्द्र भवन में 'सम्राट विक्रमादित्य' नाटक का भव्य मंचन किया गया, जिसके माध्यम से उनके न्याय और पराक्रम की गाथा जीवंत हो उठी। मुख्यमंत्री ने कलाकारों का सम्मान करते हुए कहा कि भारतीय समाज 'जियो और जीने दो' की भावना पर आधारित है। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में स्थापित हो रहे सुशासन के नए प्रतिमानों की सराहना की। कार्यक्रम में महापौर मालती राय सहित कई जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।