मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' के प्रथम जत्थे को रवाना किया। 1100 श्रद्धालु 21 नदियों के जल से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करेंगे। जानिए इस सांस्कृतिक यात्रा का पूरा विवरण।

भोपाल: स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' के प्रथम जत्थे को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ हमारी प्राचीन विरासत, अटूट आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इतिहास गवाह है कि सृजन की शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्तियों पर प्रभावी रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश में 'विरासत से विकास' की एक महत्वपूर्ण यात्रा जारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के ठीक एक हजार वर्ष बाद, वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भव्य 'स्वाभिमान पर्व' मनाया गया। यह यात्रा उसी सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का एक संकल्प है।
इस विशेष यात्रा में मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालु सम्मिलित हो रहे हैं। ये श्रद्धालु अपने साथ देश की प्रमुख 21 नदियों का जल लेकर जा रहे हैं, जिससे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को जल कलश और ध्वजा सौंपकर सुखद यात्रा की मंगलकामना की।
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दे रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ओरछा और जबलपुर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के लिए हवाई सेवा शुरू की गई है। प्रदेश में 13 धार्मिक 'लोक' का निर्माण किया जा रहा है। महाकाल महालोक के निर्माण से उज्जैन की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जिससे स्थानीय होटल, ऑटो और छोटे व्यापारियों के व्यवसाय में भारी वृद्धि हुई है।
यह विशेष ट्रेन भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों के तीर्थयात्रियों को लेकर 8 मई को सोमनाथ पहुँचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। इस गौरवशाली यात्रा का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब श्रद्धालु सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद लेकर वापस लौटेंगे।

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