जानिए मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों की अंदरूनी खबरें। निर्माण विभाग की वेबसाइट से संपत्ति का ब्योरा गायब, दो संभागों में अफसरों की तनातनी और अन्य चर्चित मामले विस्तार से पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच-मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता 'राधा' को खुले में छोड़ा। अब गांधी सागर में चीतों की संख्या चार हो गई है। जानिए प्रोजेक्ट चीता की पूरी जानकारी, विस्तार और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य।
भोपाल के बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उच्च शिक्षा में बेटियों के नामांकन पर भी विशेष चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही असाधारण यात्रा का उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक उन्होंने शासन की एक ऐसी शैली विकसित की, जिसमें विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया।
मोदी जी की कूटनीतिक परिपक्वता का प्रमाण है, जिसने पूर्व में जी-20 के मंच पर भी विश्व को चकित किया था। लगभग सात वर्ष बाद चीनी और रूस जैसे देशों को एक साथ एक मंच पर लाना निःसंदेह उनकी उसी भगीरथ भूमिका की पुष्टि करता है, जिसके बल पर वे उभरती बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था में भारत को केंद्रीय स्थान दिला चुके हैं।
मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित। जानिए संविधान के प्रावधान और पूरी खबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश को 53,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। वैश्विक मंच पर एआईएम कांग्रेस-2026 में प्रदेश की निवेश क्षमता, नीतियों और भावी संभावनाओं की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
सरकार के साथ बनी सहमति के बाद मध्यप्रदेश में तीन दिन से चल रहा इंटर्न डॉक्टरों का धरना समाप्त हो गया है। स्टाइपेंड में 50% की बढ़ोतरी के साथ ₹21,500 प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई दौरे की विस्तृत जानकारी। जानिए कैसे वे वैश्विक निवेशकों, एआईएम कांग्रेस 2026 और प्रमुख उद्योग समूहों से मिलकर राज्य में निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेंटर पहुंचकर प्रदेश में वर्षाजनित परिस्थितियों और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को तत्काल भोजन, कपड़ा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।






















