मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।

अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
अवकाश मंजूरी के अधिकारों को किया गया विभाजित
निचले स्तर के कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है। ऐसे में अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अवकाश मंजूर करवाने के लिए प्रशासन या विभाग अध्यक्ष कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। जिला स्तर पर अवकाश की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सरकार की इस पहल से खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कलेक्टर दे सकेंगे छुट्टी
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी 120 दिन के अवकाश की मंजूरी के लिए जिला स्तर पर आवेदन कर सकेंगे। अब कार्यालय प्रमुख के पास इन कर्मचारियों की छुट्टी स्वीकृत करने का अधिकार रहेगा। यदि 120 से अधिक दिनों की छुट्टी चाहिए होगी तो उन्हें कलेक्टर कार्यालय में आवेदन करना होगा। कलेक्टर की मंजूरी के बाद छुट्टी मिलेगी।
ज्यादा की छुट्टियां एचओडी मंजूर करेंगे
राज्य सरकार ने द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों की 120 दिन तक के अवकाश का अधिकार कलेक्टर के पास दिया है। इससे ज्यादा दिनों के अवकाश की मंजूरी का अधिकार विभाग अध्यक्ष के पास रखा है। एचओडी की मंजूरी पर ही 120 से ज्यादा दिन के अवकाश मिल सकेंगे।
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