सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।

पूजा का अधिकार मिलने के बाद उमड़ा जनसैलाब, मंदिर में मां वाग्देवी का कटआउट लेकर पहुंचे भक्त
पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही, ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों के साथ परिसर में प्रवेश किया

धार। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में आज सुबह-सुबह एक ऐसा नजारा दिखाई दिया, जिसने वर्षों पुराने संघर्ष, आस्था और प्रतीक्षा को एक नई दिशा दे दी। हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय और उसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रतिदिन पूजा की अनुमति दिए जाने के बाद पहली बार बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी मां वाग्देवी का कटआउट लेकर भोजशाला पहुंचे। पूरे परिसर में राजा भोज की जय... मां वाग्देवी की जय... और वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही। सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे। वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्सवी रंग में रंगा नजर आया।

विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की स्थापना
प्रारंभ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अनुबंधित सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने मां सरस्वती वाग्देवी का कटआउट अंदर ले जाने पर कुछ मिनटों के लिए आपत्ति जताई। तीन से चार मिनट तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों से मोबाइल पर चर्चा की गई, जिसके पश्चात कटआउट को अंदर ले जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई। अनुमति मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ गया तथा मां वाग्देवी के चित्र की स्थापना पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की गई।
वर्षों की आस्था, संघर्ष और विजय का क्षण
भोजशाला परिसर में लंबे समय बाद ऐसा धार्मिक उत्साह दिखाई दिया, जैसा बसंत पंचमी और मंगलवार के अवसरों पर देखने को मिलता था। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों की आस्था, संघर्ष और सांस्कृतिक पहचान की विजय का क्षण है।
महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए
उच्च न्यायालय द्वारा हिंदू समाज को भोजशाला स्थित मां सरस्वती मंदिर में प्रतिदिन पूजा का अधिकार दिए जाने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी वर्ष के सभी 365 दिनों तक पूजा की अनुमति प्रदान कर दी है। इसी क्रम में रविवार सुबह छह बजे से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नियमित पूजा प्रारंभ हुई। वैदिक पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जो दोपहर 11:30 बजे तक चलेगा।
मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा
भोजशाला में रविवार को दिखाई दिया यह दृश्य केवल धार या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में सनातन आस्था, सांस्कृतिक चेतना और मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सदियों पुराने इस ऐतिहासिक स्थल पर गूंजते शंख, मंत्र और जयघोष ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा आज भी जीवंत है।
यह भी पढ़िए....
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला... कहा-धार भोजशाला मंदिर है... परिसर में हिंदुओं को पूजा का अधिकार


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।