मध्यप्रदेश के धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम पीपलखेड़ा के पास आज सुबह 9 बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। ओवरटेक करने के दौरान एक निजी बस ने स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी।
पूर्व केंद्रीय शिक्ष मंत्री और संबलपुर के भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए अपने इस्तीफे पर दो सप्ताह बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए पद कभी महत्वपूर्ण नहीं था।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से जुड़े केस में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है।
देशभर में जारी नीट-यूज पेपर लीक विवाद की गूंज आज संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 25 जुलाई को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन परिसर में एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और साथ लेकर सदन के अंदर गए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों (कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल) ने इस घटनाक्रम को नैतिक आधार बनाकर पंजाब में हुए पेपर लीक मामलों पर भगवंत मान सरकार को बुरी तरह घेर लिया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की। जानिए शनिवार को होने वाली सरकार-प्रतिनिधिमंडल बैठक से जुड़ी बड़ी अपडेट।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के साथ डील के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा और हिंसा टालने के लिए उन्होंने 26 दिन का अनशन लिखित आश्वासन के बाद खत्म किया।
नीट पेपर लीक विवाद पर सरकार का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अफसर बर्खास्त। जानिए छात्रों की मांगें, राजनीतिक बवाल और 10 साल की सजा वाले नए सख्त कानून की पूरी डिटेल।
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।
खरीदारी के नाम पर ₹1 करोड़ की भारी-भरकम राशि ली थी। सिया ने इस रकम का शॉपिंग के लिए उपयोग नहीं किया, बल्कि पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी थी।






















