मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट इंदौर में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्राथमिक जानकारी मिली है कि आगामी दिनों में हाई कोर्ट के न्यायाधीश विवादित स्थल का मुआयना करेंगे।
धार भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष ने ASI की सर्वे रिपोर्ट को गलत बताते हुए नई याचिका की तैयारी की है। जानें कमाल मौला मस्जिद और राजा भोज महल के अवशेषों से जुड़े ऐतिहासिक दावे।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज यानी सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई टल गई। आज अधिवक्ता संघ द्वारा की गई हड़ताल की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी और नमाज अदा कराने के दौरान टकराव के हालात न बने, इसके लिए तगड़े पुलिस बल का इंतजाम किए गए हैं। अफसरों ने दस साल पहले यानी 2016 में अपनाए गए फार्मूले पर भरोसा जताया है। तब दोनों समाज आमने-सामने नहीं हुए थे और भोजशाला खाली कराने की नौबत भी नहीं आई थी।
धार (MP) की भोजशाला में वसंत पंचमी पर पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ASI के 2003 के आदेश को चुनौती देते हुए हस्तक्षेप की मांग की।


















