मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से जुड़े केस में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला/कमल मौला परिसर मामले में अहम आदेश दिया है। अदालत ने मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज के लिए खसरा नंबर 596 पर व्यवस्था करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति ऐतिहासिक भोजशाला आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब सीएम डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:30 बजे मंदिर पहुंचे और मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
मध्यप्रदेश के धार की ऐतिहासिक भोजशाला में लंबे अंतराल के बाद आज यानी शुक्रवार को हिंदू समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना का अधिकार मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। सुबह 9 बजे महाआरती हुई, जबकि दोपहर 12 बजे से भोजशाला परिसर में बड़े आयोजन की तैयारी की गई है।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति मां वाग्देवी मंदिर भोजशाला परिसर आज आस्था, उत्साह और सनातन चेतना के विराट संगम का साक्षी बना। पूरा परिसर जय मां वाग्देवी... जय श्रीराम... और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर आज मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा संभावित फैसले से पहले धार शहर को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार रात से ही शहर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट इंदौर में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्राथमिक जानकारी मिली है कि आगामी दिनों में हाई कोर्ट के न्यायाधीश विवादित स्थल का मुआयना करेंगे।
धार भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष ने ASI की सर्वे रिपोर्ट को गलत बताते हुए नई याचिका की तैयारी की है। जानें कमाल मौला मस्जिद और राजा भोज महल के अवशेषों से जुड़े ऐतिहासिक दावे।





















