मध्यप्रदेश में मनमानी पर उतारू बस संचालकों की अब खैर नहीं। आए दिन मिल रही शिकायतों के बाद सरकार प्रदेशव्यापी जांच अभियान शुरू करने जा रही है। दरअसल, सड़कों पर नियमों को ताक पर रख मनमाने तरीके से चल रही बसों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना परमिट या तय रूट का पालन नहीं करने वाले बस आपरेटरों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने जा रहा है।
By: Arvind Mishra
Feb 14, 202610:14 AM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में मनमानी पर उतारू बस संचालकों की अब खैर नहीं। आए दिन मिल रही शिकायतों के बाद सरकार प्रदेशव्यापी जांच अभियान शुरू करने जा रही है। दरअसल, सड़कों पर नियमों को ताक पर रख मनमाने तरीके से चल रही बसों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना परमिट या तय रूट का पालन नहीं करने वाले बस आपरेटरों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। नए परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। 16 फरवरी से प्रदेशव्यापी विशेष जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। भोपाल, इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख महानगरों में परमिट उल्लंघन की बढ़ती शिकायतों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर बसों की जांच की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन जारी
हालांकि, पूरे साल चले अभियान के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहा है। अब एक बार फिर बड़े पैमाने पर जांच की जाएगी। प्रदेश के विभिन्न रूटों पर प्रतिदिन लगभग लाखों बसों का संचालन होता है। इन बसों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग विशेष अभियान शुरू करेगा। जांच के दौरान बसों में कमियां पाए जाने पर जब्ती के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
हादसों पर लगेगा अंकुश
कार्रवाई के कारण बस संचालक अपनी बसों की कमियों को दूर कर लेते हैं, जिससे हादसों पर अंकुश लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग जांच अभियान को पुन: शुरू करने जा रहा है। स्लीपर बसों पर भी कार्रवाई की गई है, जिसमें फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, आपातकालीन द्वार और ड्राइवर केबिन में नियमों के विरुद्ध पार्टीशन को लेकर कार्रवाई की गई है।