जयपुर अस्पताल हादसे के बाद सतना जिला अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था की हकीकत सामने आई है। अस्पताल में न तो फायर एनओसी है और न ही स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर का काम पूरा हुआ है। करीब 70 लाख की लागत वाला सेफ्टी प्रोजेक्ट ठेकेदार और प्रबंधन के विवाद में फंसा है। अगर किसी वार्ड में आग लगती है तो सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।
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