भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने सेशन कोर्ट के ट्रायल पर रोक लगा दी है। मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई जारी है। पढ़ें पूरी अपडेट।

नई दिल्ली। भोपाल। स्टार समाचार वेब
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश देते हुए भोपाल की सेशन कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह निर्णय मृतका ट्विशा के पिता और शिकायतकर्ता नवनीधि शर्मा द्वारा दायर की गई याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई को भोपाल से दिल्ली की एक सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष और स्वतंत्र माहौल में होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस नए आदेश के प्रभाव के चलते आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। सीनियर एडवोकेट सुरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवलोकन करना चाहते थे, जिसके कारण बहस नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे होगी। हालांकि, जानकारों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने केवल मुख्य ट्रायल पर रोक लगाई है, और जमानत अर्जी पर सुनवाई को लेकर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
इस बहुचर्चित मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चार्जशीट में संशोधन करते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सीबीआई ने आरोप पत्र से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दर्ज दहेज मृत्यु के आरोप को हटा दिया है और उसकी जगह धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का नया आरोप शामिल किया है। अभियोजन पक्ष के इन बदले हुए आरोपों के मद्देनजर, आरोपी गिरिबाला सिंह के वकीलों ने जमानत आवेदन में संशोधन की अनुमति मांगी थी, जिसे हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्वीकार कर लिया था ताकि संशोधित धाराओं के आधार पर नए सिरे से बहस की जा सके।
घटना के तुरंत बाद, भोपाल की जिला अदालत ने 15 मई को मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी। इस आदेश के खिलाफ मृतका के परिजनों और राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 27 मई को सख्त रुख अपनाते हुए गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को पूरी तरह खारिज कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने जांच के सिलसिले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अपनी हिरासत में ले लिया था।
मूल रूप से यह पूरा मामला 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह के साथ हुई थी, लेकिन शादी के महज कुछ महीनों बाद ही 12 मई 2026 को वह भोपाल स्थित अपनी ससुराल में फंदे पर लटकी हुई मिली थीं। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिजनों की शिकायत पर पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और क्रूरता का मामला दर्ज किया गया था।
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने सेशन कोर्ट के ट्रायल पर रोक लगा दी है। मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई जारी है। पढ़ें पूरी अपडेट।
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