उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की शनिवार को दूसरे दिन की बैठक राम जन्मभूमि परिसर में हुई। बैठक में राम कथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक से पहले मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कई अहम जानकारियां साझा कीं।
By: Arvind Mishra
Jan 31, 20263:11 PM
अयोध्या। स्टार समाचार वेब
उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की शनिवार को दूसरे दिन की बैठक राम जन्मभूमि परिसर में हुई। बैठक में राम कथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक से पहले मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण पर कुल 1900 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अब तक जीएसटी सहित 1600 करोड़ का भुगतान हो चुका है। 30 अप्रैल तक राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। निर्माण पूरा होने के बाद एल एंड टी और टाटा कंसलटेंसी साइट से हटेंगी।
आडिटोरियम का कार्य शेष
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 30 अप्रैल तक सभी दस्तावेज और बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। एल एंड टी और टाटा कंसलटेंसी ने तीन वर्ष की गारंटी दी है। मेंटेनेंस के लिए दोनों संस्थानों की स्मॉल यूनिट मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। आॅडिटोरियम का कार्य अभी शेष है। अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।
राम मंदिर ट्रस्ट मिली 400 वर्ष पुरानी रामायण
उल्लेखनी है कि राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार से शुरू हुई। बैठक से पहले निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कई अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली ने 400 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण सौंपी है। यह प्राचीन रामायण ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दे दी गई है। वाल्मीकि रामायण राम मंदिर परिसर पहुंच चुकी है। बताया कि यह मूलत: रामायण पर टिप्पणी है, जो संस्कृत भाषा में लिपिबद्ध की गई है।
रामकथाओं का मंदिर विकसित किया जाएगा
विश्वविद्यालय ने पुस्तक को पहले राष्ट्रपति भवन में जो म्यूजियम है वहां लोन के रूप में दिया था। जब उन्हें यह पता लगा कि राम मंदिर के दूसरे तल में रामायण रखने की सुविधा रखी जाएगी तो उन लोगों ने ट्रस्ट के आग्रह पर रामायण गिफ्ट के रूप में सौप दिया है। यह ग्रंथ चंपत राय दिल्ली से लेकर अयोध्या आए हैं। राम मंदिर के दूसरे तल पर रामकथाओं का मंदिर विकसित किया जाना है। यहां विभिन्न भाषाओं में वाल्मीकि रामायण का जो भी अधिकृ़त व प्राचीन रुपांतरण है उसे रखा जाएगा।
प्राचीन रामायण की आयु व सत्यता परखेंगे
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि रामकथाओं के मंदिर में राम यंत्र भी रखा जाना है जो कांची कामकोटि के शंकराचार्य ने ट्रस्ट को पहले ही भेंट कर दिया है। प्राचीन रामायण के संग्रह के लिए एक समिति गठित की जाएगी। इसमें विशेषज्ञ रखे जाएंगे जो प्राचीन रामायण की आयु व सत्यता परखेंगे। इसके बाद उनकी संस्तुति पर उसे राम मंदिर में रखा जाएगा। बहुत से लोग पुस्तकें देने को कह रहे हैं, लेकिन वही पुस्तक रखी जाएगी जो दुर्लभ हो। हम इसके लिए एक विज्ञापन निकालेंगे। जिस किसी के पास प्राचीन रामायण होगी, समिति उसे परखेगी इसके बाद वह ली जाएगी।
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