मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक सोमवार को मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में हुई। भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। इस विशेष बैठक में करीब 25 मंत्री शामिल हुए।
By: Arvind Mishra
Mar 02, 20262:21 PM

कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक सोमवार को मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में हुई। भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। इस विशेष बैठक में करीब 25 मंत्री शामिल हुए, हालांकि कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आज भीलटदेव के देवस्थान पर कई कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। हमारे इस अंचल में जो खेती, बागवानी की उन्नति हुई है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों का परिणाम है। कृषि कैबिनेट में कई निर्णय लिए गए। हमने किसानों के कल्याण के लिए 27 हजार 746 करोड़ रुपए का भार सरकार ने लिया है। इसमें 16 विभागों की योजनाओं के विविध कार्य व प्रस्ताव लिए हैं।
सोयाबीन में भी भावंतर का मिलेगा लाभ
पानसेमल की सिंचाई परियोजना की लागत 1208 करोड़ है। कृषि कल्याण विभाग में 3500 करोड़ की राशि खर्च होगी। पशुपालन व डेयरी विकास की योजनाओं में 9 हजार रुपए की राशि खर्च होगी। सहकारी विभाग की योजना के साथ नर्मदा विकास प्राधिकरण की योजनाएं हैं। सोयाबीन में भी भावन्तर योजना का लाभ देंगे। पीएम किसान सिंचाई योजना के माध्यम से 2397 करोड़ की राशि मंजूर की है। किसान कल्याण वर्ष में 38 हजार करोड़ की राशि का प्रावधान किया है।
कृषि उपज मंडी को बनाएंगे आदर्श
सीएम ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा- पाटी में 5940 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य है। बड़वानी में खेतिया की कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी बनाएंगे। जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मास्टर ट्रेनर बनाएंगे। इन्हें प्रदेश के बाहर भेजेंगे। बड़वानी में बीज निगम के तहत बजट्टा खुर्द को आदर्श केंद्र बनाएंगे।
भिलट देव के दर्शन करने के बाद बैठक
कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान सीएम ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अत: आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरुआत की गई ।
किसान समृद्ध और प्रगतिशील हो रहे
सीएम ने कहा-मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है।
किसान प्राकृतिक खेती को अपनाएं
किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह आह्वान भी किया की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाएं शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।
दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदाघाटी विकास के तहत बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसमें बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी है। इसमें 15 गांवों की 15,500 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस पर 861 करोड़ रुपए की लागत आएगी। वहीं, पानसेमल सिंचाई परियोजना में 53 गांवों की 22,500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। इसकी अनुमानित लागत1208 करोड़ रुपए आएगी।
भगोरिया को राष्ट्रीय पहचान देने की पहल
मुख्यमंत्री ने निमाड़ के पारंपरिक आदिवासी उत्सव भगोरिया को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और इसके आयोजन में व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही भिलट देव स्थल पर विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। सीएम ने कहा कि इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कैबिनेट के फैसलों का लाभ निमाड़ के साथ-साथ पूरे मालवा अंचल को मिलेगा। नर्मदापुरम क्षेत्र अब बेहतर सिंचाई और आधुनिक खेती के लिए पहचाना जा रहा है।
25 किसान को मास्टर ट्रेनर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़द प्रोत्साहन के रूप में 600 रुपए का प्रति क्विंटल का बोनस प्रारंभ किया। इसके आधार पर लगभग 4.15 लाख हेक्टेयर में बोवनी की संभावना जताई गई हैं। सीएम ने कहा कि सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत भुगतान कर मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बना है। अब सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। सरसो का अनुमानित उत्पादन 15.28 लाख मैट्रिक टन बताया गया है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। बड़वानी जिले से इसकी शुरुआत होगी और बाद में अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा।
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