जबलपुर सीबीआई ने रेलवे टेक्नीशियन भर्ती में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को मुंगेर से गिरफ्तार किया है। बायोमैट्रिक मिलान न होने पर खुला फर्जीवाड़ा।
By: Ajay Tiwari
Mar 02, 20266:53 PM
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
जबलपुर सीबीआई ने रेलवे भर्ती में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए बिहार के मुंगेर जिले से दो युवकों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में मुख्य आरोपी मुकेश कुमार और उसके स्थान पर परीक्षा देने वाले रंजीत कुमार के बीच सरकारी नौकरी के लिए 6 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था. सोमवार, 2 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
वर्ष 2024 में भारतीय रेलवे द्वारा निकाली गई टेक्नीशियन भर्ती के दौरान मुकेश कुमार ने आवेदन किया था. अपनी जगह परीक्षा दिलाने के लिए उसने पड़ोस में रहने वाले कोचिंग शिक्षक रंजीत कुमार से संपर्क किया. डील के मुताबिक, रंजीत को परीक्षा से लेकर मेडिकल और दस्तावेज सत्यापन तक मुकेश बनकर शामिल होना था. रंजीत ने दिसंबर 2024 में पटना में हुई लिखित परीक्षा (CBT) दी और इसके बाद भोपाल में हुए मेडिकल व दस्तावेजों की जांच में भी वह मुकेश बनकर ही शामिल हुआ. जुलाई 2025 में चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकेश कुमार को टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति मिल गई.
ऐसे हुआ खुलासा
मुकेश कुमार ने अपनी जॉइनिंग के बाद दमोह, सागर और जबलपुर में काम किया और अक्टूबर 2025 में उसे ट्रेनिंग के लिए प्रयागराज भेजा गया. रेलवे के नियमों के अनुसार, नई भर्ती वाले कर्मचारियों का एक साल के भीतर बायोमैट्रिक सत्यापन अनिवार्य होता है. 14 नवंबर 2025 को जब मुकेश का बायोमैट्रिक टेस्ट हुआ, तो उसके अंगूठे के निशान और चेहरे का मिलान नहीं हो सका. पकड़े जाने के डर से मुकेश वहां से फरार होकर बिहार चला गया.
CBI की कार्रवाई
जबलपुर रेल मंडल की लिखित शिकायत पर सीबीआई ने 2 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज की. एसपी एस.के. राठी के निर्देशन में गठित टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुंगेर, बिहार में दबिश देकर मुकेश को दबोच लिया. पूछताछ में मुकेश ने रंजीत कुमार की संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया.