दिग्विजय से जब पूछा गया कि कहा जाता है कि आपकी वजह से कमलनाथ सरकार गिरी... इस पर उन्होंने कहा- ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कांग्रेस सरकार गिर गई। लेकिन सच्चाई ये नहीं है। मैंने चेताया था कि ऐसी घटना हो सकती है।

मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वो मांग नहीं मानी, जिस पर डिनर के दौरान सहमति बनी थी। इसी कारण मप्र में कांग्रेस की सरकार गिर गई। इस बात का मुझे दु:ख है कि हमें जिन पर पूरा भरोसा था, उन लोगों ने धोखा दे दिया। आइडिलॉजिकल क्लैश नहीं था। ये क्लैश आॅफ पर्सनाल्टी हो गया। यह बात मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने एक चैनल से बातचीत के दौरान कही। दरअसल, दिग्विजय से जब पूछा गया कि अगर कमलनाथ ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ी मांगें मान लेते तो शायद सरकार गिरने की नौबत नहीं आती... इस पर दिग्विजय ने स्वीकार किया कि शायद फिर यह नौबत नहीं आती। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था और 15 साल के लंबे इंतजार के बाद सत्ता में वापसी की थी। पार्टी ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि, पार्टी के अंदर अंदरूनी कलह और नाराजगी भी देखी गई थी। ठीक15 महीने बाद सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए। उनके जाते ही कई विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी। जिससे कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को सीएम पद छोड़ना पड़ा।
दिग्विजय से जब पूछा गया कि कहा जाता है कि आपकी वजह से कमलनाथ सरकार गिरी... इस पर उन्होंने कहा- ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कांग्रेस सरकार गिर गई। लेकिन सच्चाई ये नहीं है। मैंने चेताया था कि ऐसी घटना हो सकती है। मेरा दुर्भाग्य है कि शायद मेरी कुंडली में यह है कि मुझ पर हमेशा वह आरोप लगेगा जिसमें मैं दोषी नहीं हूं।
दिग्विजय ने कहा कि एक बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट हैं। मैं उनका नाम नहीं लेना चाहूंगा। कमलनाथ और सिंधिया दोनों से उनके अच्छे संबंध हैं। मैं उनके पास गया और कहा कि देखिए इन दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी। आप जरा संभालिए, क्योंकि आपके दोनों से अच्छे संबंध हैं। उनके घर डिनर रखा गया और मैं भी उसमें शामिल हुआ। मैंने बहुत कोशिश की कि ये मामला निपट जाए। वहां पर सभी मुद्दों को लेकर एक सूची तैयार हुई, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया।
दिग्विजय ने कहा कि यह बात सच है कि तमाम प्रयासों के बावजूद कमलनाथ सरकार नहीं बच पाई। मेरा ना माधवराव सिंधिया से कोई विवाद था, ना ज्योतिरादित्य से कोई विवाद था। दिग्विजय से जब पूछा गया कि डिनर मीटिंग में कौन-कौन मांगें रखी गईं थीं... इस पर उन्होंने कहा-छोटी-मोटी बातें हुईं थी। हुआ ये था कि ग्वालियर-चंबल संभाग में जैसा हम दोनों कहेंगे, वैसा कर देंगे। हम दोनों ने दूसरे दिन लिस्ट बनाकर दे दिया, मैंने भी दस्तखत किए, लेकिन पालन नहीं हुआ।


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