मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य छटा देखने को मिली। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में जहां श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां भगवान का विशेष माखन-मिश्री से अभिषेक किया गया।

जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी ने किया गो पूजन, भक्तों पर बरसाए फूल
भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन
उज्जैन के नारायणा धाम में पांच दिन कृष्ण कथा और रासलीला
पन्ना, अमझेरा और महिदपुर में कृष्ण के अलग-अलग प्रसंग

भोपाल/मथुरा। स्टार समाचार वेब
देशभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बेहद धूमधाम, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत देश के सभी प्रमुख कृष्ण धामों में सुबह से ही मंगला आरती, अभिषेक और विशेष अनुष्ठानों का दौर जारी रहा। मथुरा-वृंदावन में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली यूपी में जन्माष्टमी को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा पहुंचकर गोप पूजन किया और भागवत भवन में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली की कामना की। वृंदावन के बांके बिहारी और प्रेमानंद महाराज आश्रम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। बांके बिहारी मंदिर और निधिवन में भगवान के बाल रूप के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। गोकुल के नंद भवन, गोवर्धन के दानघाटी मंदिर, बरसाना के श्रीजी मंदिर और वाराणसी के संकट मोचन व इस्कॉन मंदिरों में भी भव्य झांकियां सजाई गई हैं।

भोपाल से उज्जैन तक गूंजे जयकारे
मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य छटा देखने को मिली। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में जहां श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां भगवान का विशेष माखन-मिश्री से अभिषेक किया गया। वहीं राजधानी भोपाल के बिरला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर) में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

मुख्यमंत्री निवास में 101 बच्चे बनेंगे राधा-कृष्ण
‘श्रीकृष्ण पर्व’ का विशेष आयोजन मुख्यमंत्री निवास पर होगा। यहां 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री, लड्डू गोपाल की मूर्ति और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केंद्रित पुस्तक भेंट करेंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव महू के जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। जानापाव में भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका भी होगी। यहां श्रीकृष्ण और भगवान परशुराम से जुड़े प्रसंगों पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
ग्वालियर का गोपाल मंदिर आकर्षण का केंद्र
चंबल अंचल के ग्वालिर में सिंधियाकालीन गोपाल मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण का अरबों रुपए के असली पन्ना, माणिक और हीरों के गहनों से भव्य शृंगार किया गया है। वहीं इंदौर के प्रसिद्ध यशोदा माता मंदिर व इस्कॉन मंदिर और जबलपुर के गोपाल लाल जी मंदिर में 56 भोग और छप्पन व्यंजनों का प्रसाद चढ़ाया गया।
द्वारकाधीश मंदिर गुजरात: द्वारका में द्वारकाधीश के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं, जहां आधी रात को 21 तोपों की सलामी के साथ महाआरती की तैयारी है। इसी तरह ओडिशा में जगन्नाथ मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष कृष्ण जन्म की नीतियां और अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
भगवान को तोपों की सलामी: राजस्थान में मेवाड़ के प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में भगवान को तोपों की सलामी दी गई और बाल स्वरूप का विशेष शृंगार किया गया। वहीं कर्नाटक के उडुपी मंदिर में वित्तलोत्सव और पारंपरिक तरीके से कनकना किंडी के जरिए पूजा की जा रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित देश भर के इस्कॉन मंदिरों में भव्य डिजिटल झांकियां, रासलीला और महाअभिषेक आयोजित किए गए हैं। महाराष्ट्र में दही हांडी का जश्न चरम पर है।
350 साल पुरानी परंपरा: झारखंड के ठाकुरबाड़ी में उमड़ी भीड़
पूर्वोत्तर और मध्य भारत के राज्यों में भी जन्माष्टमी की अनोखी परंपराएं देखने को मिल रही हैं। झारखंड के चतरा जिले में स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर में करीब साढ़े तीन सौ वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत भगवान के बाल स्वरूप को अष्टधातु के पालने में झुलाने के लिए हजारों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। 17वीं शताब्दी में तिवारी परिवार द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी अटूट आस्था का केंद्र बनी हुई है।


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